लखनऊ - समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने हिंदुओं के पवित्र गंथ रामचरितमानस (Ramcharitmanas) पर बैन लगाने वाला बयान पर देशभर में विरोध देखने को मिल रहा है। भारती जनता पार्टी स्वामी के बयान पर लगातार हमलावर है। वहीं कुछ दिनों पहले स्वामी के समर्थन में कुछ लोगों ने राजधानी लखनऊ में रामचरितमानस (Ramcharitmanas) की प्रतियां जलाई थी।
Ramcharitmanas - जेल में बंद सलीम और सत्येंद्र कुशवाहा पर NSA लगाया गया है
वहीं अब योगी सरकार ने रामचरितमानस की प्रतियां जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की है। रामचरितमानस की प्रतियां जलाने के आरोप में जेल में बंद सलीम और सत्येंद्र कुशवाहा पर NSA लगाया गया है। लखनऊ के PGI थाने में 29 जनवरी को रामचरितमानस जलाने के आरोप में 10 लोगो के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
बता दें कि, इन FIR में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य का भी नाम है। स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) राजेश राणा ने बताया कि, उन्हें बीजेपी सदस्य सतनाम सिंह लवी से शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
इन लोगों पर दर्ज हुई FIR
आपको बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की जिला कार्य समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह ने 10 नाम और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इनमें सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य, देवेंद्र प्रताप यादव, यशपाल सिंह लोधी, सत्येंद्र कुशवाहा, महेंद्र प्रताप यादव, सुजीत यादव, नरेश सिंह, एस एस यादव, संतोष वर्मा, सलीम और कुछ अज्ञात लोग हैं।
हिंदुओं की भावनाओं को पहुंचाई ठेस
वहीं इस मामले की जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष ने बताया कि, रामचरितमानस के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां और सार्वजनिक रूप से इसके प्रतियों को जलाने से समाज में विभाजन और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने आगे बताया कि, इन आरोपी ने सोशल मीडिया पर पवित्र पुस्तक के खिलाफ बात की और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई हैं । इस कारण ही इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा- 153-ए, 295 ए, 505 और 298 और IT अधिनियम की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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