BIHAR NEWS: डेंगू से अपने आप को बचाने के लिए सावधानी बरतना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। वहीं डेंगू बीमारी से बचाव के लिए मच्छरों के काटने से बचना सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। इस बीच बिहार में डेंगू का कहर लगातार जारी है। पटना में डेंगू के मामलों के वृद्धि दर्ज हो रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पटना में अस्पतालों में डेंगू रोगियों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं।
डेंगू रोगियों के लिए अलग वार्ड स्थापित किए हैं
वहीं बिहार की राजधानी पटना में बढ़ते डेंगू के मामलों के देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में डेंगू रोगियों के लिए अलग वार्ड स्थापित किए हैं। वहीं मिली जानकारी के अनुसार, अब तक पटना में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 3 सौ 50 के पार हो गई है। तो वहीं, बीते दिन डेंगू के 70 केस सामने आए है।
पटना में अभी तक कुल 366 डेंगू के केस पाए गए हैं
जिला प्रबंधक डॉ. विवेक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, बारिश के मौसम में अक्सर डेंगू के मामलों में वृद्धि होती है। पटना में अभी तक कुल 366 डेंगू के केस पाए गए हैं। कल 70 केस पाए गए थे। डेंगू एक मौसमी बीमारी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और सदर अस्पताल में डेंगू विशेष वार्ड बनाए गए हैं। डेंगू की जांच और इलाज मुफ्त है। फॉगिंग का काम जारी है।
डेंगू के लक्षण तेज बुखार और शरीर में दर्द है
आपको बता दें कि, डेंगू एक गंभीर जानलेवा बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से होता है, इसलिए मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है। डॉक्टरों द्वारा मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए घरों में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जाती है। डेंगू मरीजों को समय रहते ठीक इलाज नहीं मिलने पर जान को खतरा रहता है। डेंगू के लक्षण तेज बुखार और शरीर में दर्द है। अगर किसी को डेंगू बुखार है और उसे मच्छर काट ले और इसके बाद वहीं मच्छर किसी और को काट ले तो उस व्यक्ति को भी डेंगू हो जाता है। मच्छरों के काटने से मलेरिया और अन्य बीमारियां भी होती हैं।
डेंगू से बचने के उपाय
छत व घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री में पानी जमा न होने दें । पानी भरने के बर्तन टंकियां आदि को ढककर रखना सुनिश्चित करें। गड्ढों को मिट्टी से भर दें, ताकि वहां पानी का जमाव ना हो। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। सप्ताह में एक बार टिन, डिब्बा, बाल्टी खाली करें और सुखाएं। सात दिन में एक बार कूलर का पानी खाली करें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
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