Kutch: गुजरात (Gujarat) के कच्छ (Kutch) में आज सुबह 6 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (Seismology Research Institute) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई हैं। इसका केंद्र कच्छ में दुधई गांव से 11 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में था। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार की अल सुबह आए इस भूकंप से अभी तक किसी तहर के जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
कुछ ही देर के अंतराल पर दो बार भूकंप के झटके
गांधीनगर स्थित ISR के अनुसार सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर भूकंप आया। 4.2 तीव्रता के साथ आए भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। केंद्र के अनुसार इससे पहले सुबह 5 बजकर 18 मिनट पर भी भूकंप आया था। इस बार भूकंप की तीव्रता 3.2 दर्ज की गई थी। इस भूकंप का केंद्र कच्छ में ही खावड़ा गांव से 23 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में था। कुछ ही देर के अंतराल पर आए इन दोनों भूकंप से लोगों में दहशत का महौल बन गया है। पहले भूकंप के वक्त ही लोग भाग कर अपने घरों से बाहर आ गए थे। इस जिले में जनवरी 2001 में विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 13,800 लोग मारे गए थे। साथ ही 1.67 लाख के करीब लोग घायल हो गए थे। भूकंप ने जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में संपत्तियों को बहुत गंभीर नुकसान पहुंचाया था।
कुछ दिन पहले भी आया था भूकंप
बता दें कि इससे पहले 24 जनवरी को दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई थी और भूकंप का केंद्र नेपाल में था, जिसकी गहराई जमीन के 10 किलोमीटर नीचे थी।
भूकंप का मुख्य कारण
भूकंप के आने का मुख्य कारण धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के अंदर 7 प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेट्स किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप महसूस होता है।
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