दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार के बाद से पार्टी के भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच, बीजेपी और कांग्रेस के कई नेताओं ने दावा किया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जल्द ही गिर सकती है। इस पर पार्टी के नेता और प्रवक्ता अपनी सफाई दे रहे हैं।
कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं का कहना है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के कई विधायक पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं और उनका किसी न किसी विपक्षी दल से संपर्क है। कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोमवार को दावा किया कि पंजाब में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं। उनका कहना था कि अब आम आदमी पार्टी के विधायक बड़ी संख्या में पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि AAP के कई विधायक कांग्रेस और अन्य दलों के संपर्क में हैं। हालांकि, सुखजिंदर ने यह भी कहा कि कांग्रेस आलाकमान को इन विधायकों को अपने साथ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा ने भी दावा किया कि AAP के करीब 30 विधायक कांग्रेस से संपर्क में हैं। बाजवा का कहना था कि दिल्ली में हार के बाद आम आदमी पार्टी की हालत पंजाब में भी खराब हो सकती है। वहीं, कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी के अंदर की लड़ाई है और अरविंद केजरीवाल अब पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी के नेता भी इस बात से सहमत नजर आते हैं कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार गिर सकती है।
AAP की ओर से सफाई
AAP नेताओं ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि पंजाब में सब कुछ सही है और पार्टी की सरकार को कोई खतरा नहीं है। पंजाब सरकार में मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि केजरीवाल जी समय-समय पर विधायक और मंत्रियों से मीटिंग लेते रहते हैं। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह एक रूटिन प्रक्रिया है। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब में भगवंत मान सरकार को कोई खतरा नहीं है।
Comments (0)