बीयर के शौकीनों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। तेलंगाना राज्य में बीयर की कीमतों में आज से 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस वृद्धि के बाद अब बीयर की हर बोतल और कैन के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें यह कहा गया है कि आज से पहले वाली MRP वाली बीयर की बोतलें और कैन भी नए दरों पर बेची जाएंगी।
बीयर की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?
बीयर की कीमतों में यह बढ़ोतरी उस समय की गई जब यूनाइटेड ब्रुअरीज ने तेलंगाना बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (TGBCL) को बीयर की सप्लाई देना बंद कर दिया था। कंपनी ने दो मुख्य कारण दिए थे, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। पहला कारण यह था कि TGBCL ने पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 से यूनाइटेड ब्रुअरीज की बीयर के बेसिक प्राइस में कोई बदलाव नहीं किया था, जबकि समय-समय पर कीमतों में संशोधन की जरूरत होती है। दूसरा कारण यह था कि TGBCL ने पहले की बीयर सप्लाई के लिए कंपनी का बकाया भुगतान नहीं किया था, जिससे कंपनी को वित्तीय नुकसान हो रहा था। इन दोनों कारणों से यूनाइटेड ब्रुअरीजने तेलंगाना में बीयर की सप्लाई रोक दी थी और अब सरकार को बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लेना पड़ा है।
भारतीय बीयर बाजार में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा
यूनाइटेड ब्रुअरीज भारत की सबसे बड़ी बीयर निर्माता कंपनी है और यह किंगफिशर जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स का निर्माण करती है। इस कंपनी का भारतीय बीयर बाजार में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है। सालभर में यूनाइटेड ब्रुअरीज लगभग 6 करोड़ बॉक्स बीयर बेचती है, जिसमें 12 बोतलें होती हैं। तेलंगाना में राज्य सरकार शराब की खरीदी और सप्लाई का काम करती है, जबकि रिटेल दुकानदार इसे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। कंपनी ने बीयर की कीमतों में वृद्धि के बाद यह भी कहा कि उनकी सप्लाई रोकने से बीयर की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, क्योंकि तेलंगाना में शराब का व्यापार सरकार द्वारा नियंत्रित होता है। ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, तेलंगाना में बीयर का एक बॉक्स करीब 300 रुपये में बिकता है, जबकि महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों में यह कीमत लगभग 500 रुपये तक होती है। राज्य के टैक्स और रिटेलरों के मार्जिन के कारण, देश के विभिन्न हिस्सों में बीयर की कीमतों में भिन्नता देखने को मिलती है।
क्या होगा इसके असर?
तेलंगाना में अब बीयर की कीमतें 15 प्रतिशत बढ़ने के बाद, बीयर के शौकीनों को अब अधिक पैसे खर्च करने होंगे। सरकार के फैसले के चलते, जो बीयर पहले 300 रुपये के आसपास बिकती थी, अब वह 15 प्रतिशत महंगी हो जाएगी। इसके कारण, जिन लोगों के लिए बीयर खरीदना एक सामान्य आदत थी, उनके लिए यह अतिरिक्त खर्च होगा। हालांकि, इससे सरकार को टैक्स के रूप में अधिक राजस्व मिलने की संभावना है।
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