भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र की पीएसयू हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में उनका भरोसा लगातार कम होता जा रहा है। इसकी वजह है कि कंपनी हल्के लड़ाकू विमान तेजस की डिलीवरी और अपग्रेड में होने वाली देरी को कम करने में सफल नहीं हो पा रही है।
सिंह ने बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 की शुरुआत के साथ शूट किए गए एक वीडियो में कहा कि आपको चिंताएं दूर करनी होंगी। हमें अधिक आश्वस्त करना होगा। फिलहाल, मुझे एचएएल पर भरोसा नहीं है, जो कि बहुत गलत बात है। उन्हें पीएसयू का हवाला देते हुए यह कहते हुए सुना जा सकता है, मैं आपको बता सकता हूं कि हमारी आवश्यकताएं और चिंताएं क्या हैं।
एयर फोर्स चीफ की टिप्पणी पर विवाद
हालांकि यह पहली बार नहींहै जब वायुसेना प्रमुख ने समयसीमा का पालन न करने के लिए एचएएल की आलोचना की है, लेकिन रक्षा पीएसयू की दक्षता पर सवाल उठाने वाली उनकी टिप्पणियों ने विवाद खड़ा कर दिया है। एचएएल ने देरी के लिए 1998 के परमाणु परीक्षणों के बाद भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है। सीएमडी डी के सुनील ने कहा कि पीएसयू 1984 में शुरू की गई परियोजना के लिए निर्धारित समयसीमा और इसके द्वारा अपेक्षित अतिरिक्त ऑर्डर को पूरा कर लेगा।
मार्च के अंत तक 11 तेजस एमके1A
एचएएल की पिछले वायुसेना प्रमुख भी आलोचना कर चुके हैं। एचएएल ने मंगलवार को कहा कि उसे "मार्च के अंत तक वायुसेना को कम से कम 11 तेजस-एमके1ए विमान देने का भरोसा है। यह 83 विमानों के कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा है।
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