दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस पर भारतीय सेना की ताकत और स्वदेशी तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया गया। परेड की शुरुआत 61 कैवेलरी द्वारा की गई, जो दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार रेजीमेंट है। इसेलेफ्टिनेंट अहान कुमार ने नेतृत्व किया। इसके बाद नौ मैकेनाइज्ड कॉलम और नौ मार्चिंग टुकड़ियों ने भाग लिया। इन मार्चिंग टुकड़ियों में ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स, जाट रेजीमेंट, गढ़वाल राइफल्स, महार रेजीमेंट, जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजीमेंट, और सिग्नल कोर शामिल थे।
कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान भारतीय सेना की आधुनिक ताकत का प्रदर्शनकिया गया। इसमें ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका मल्टी-लॉन्चर रॉकेट सिस्टम, बीएम-21 अग्निबाण (122 एमएम मल्टीपल बैरल रॉकेट लॉन्चर), और आकाश वेपन सिस्टम जैसे उन्नत हथियार शामिल थे।
पैदल सेना का प्रदर्शन
भारतीय सेना के पैदल सेना कॉलम ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इसकीशुरुआत ऑल-टेरेन व्हीकल (चेतक) और स्पेशलिस्ट मोबिलिटी व्हीकल (कपिध्वज)से हुई, जो खासतौर पर ऊंचाई वाले और कठिन क्षेत्रों में संचालन के लिएडिजाइन किए गए हैं।
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