नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय है। कृष्णम ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति और धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान में आए बदलावों का भी उल्लेख किया।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर संवैधानिक पद पर अपनी सक्रिय राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण शुरू किया था। इसके बाद 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला और तब से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा, लेकिन उनके बारे में पढ़ा और सुना है। वहीं, इंदिरा गांधी को उन्होंने देखा है। उनके मुताबिक, मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नए अध्याय के तौर पर देखे जा सकते हैं।
वैश्विक मंच पर भारत की बदली तस्वीर
कृष्णम ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के दौरान भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि एक समय भारत की तुलना पाकिस्तान जैसे देशों से की जाती थी, जबकि आज भारत की चर्चा चीन, रूस और अमेरिका जैसी बड़ी वैश्विक शक्तियों के साथ होती है। उनका कहना था कि मोदी की राजनीतिक यात्रा केवल गुजरात या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने अपना जीवन देश और भारत की मिट्टी को समर्पित किया है।
सनातन और धार्मिक स्थलों का भी किया जिक्र
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मोदी सरकार के दौरान सनातन और भारतीय धार्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों के वैश्विक स्तर पर चर्चा में आने का भी जिक्र किया। उन्होंने श्री कल्कि धाम, कुंभ और महाकुंभ के अलावा रामेश्वरम, सोमनाथ और केदारनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों ने देश की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने में भूमिका निभाई है।
अनुच्छेद 370 और राष्ट्रीय एकता का मुद्दा
कृष्णम ने राष्ट्रीय एकता के संदर्भ में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और कश्मीर के लाल चौक में वंदे मातरम गाने जैसे विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के 25 वर्ष पूरे होने को ‘सिल्वर जुबली’ बताते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि नरेंद्र मोदी इसी तरह देश की सेवा करते रहें और भविष्य में उनके सार्वजनिक जीवन की ‘गोल्डन जुबली’ भी मनाई जाए।
राहुल गांधी पर भी किया तीखा हमला
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल पूरे होने पर बधाई देने के साथ ही आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आकाशवाणी के बाहर धरने को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी धरना देने में एक्सपर्ट हो गए हैं और उन्हें 2047 तक इसकी प्रैक्टिस करते रहना चाहिए। कृष्णम ने राहुल गांधी को कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पार्टी की बर्बादी के लिए अगर कोई जिम्मेदार है, तो वह राहुल गांधी हैं।