नई दिल्ली. दिल्ली से भुवनेश्वर जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी समस्या और फ्यूल से जुड़ी आशंका सामने आई। फ्लाइट संख्या IX-1057 ने तय समय पर उड़ान भरी थी, लेकिन बीच रास्ते में स्थिति बिगड़ने पर इसे तत्काल जयपुर हवाई अड्डे पर उतारने का निर्णय लिया गया।
फ्यूल की कमी या तकनीकी खराबी, कारण पर संशय
एयरलाइन कंपनी की ओर से प्रारंभिक जानकारी में फ्यूल की कमी को इमरजेंसी लैंडिंग की वजह बताया गया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार विमान में किसी तकनीकी खराबी की भी आशंका जताई जा रही है। इस विरोधाभास ने मामले को और गंभीर बना दिया है और जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
जयपुर में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति को देखते हुए पायलट ने सतर्कता बरतते हुए विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा। लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान के भीतर ही बैठाए रखा गया और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यह कदम उठाया गया ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।
खराब मौसम ने बढ़ाई हवाई यातायात की परेशानी
इसी दौरान खराब मौसम ने भी हवाई संचालन को प्रभावित किया। अबू धाबी से आ रही एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट को जयपुर में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण विमान को लगभग 45 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाने पड़े और कई प्रयासों के बाद ही सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी।
अन्य उड़ानों पर भी पड़ा असर
मुंबई से जयपुर आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक अन्य फ्लाइट IX-1219 को भी लैंडिंग में कठिनाई का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक हवा में चक्कर लगाने के बाद इसे अंततः दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने हवाई यातायात को व्यापक रूप से प्रभावित किया।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह रही कि सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इमरजेंसी लैंडिंग जैसे संवेदनशील हालात में त्वरित निर्णय और सतर्कता के चलते किसी भी तरह की अप्रिय घटना टल गई। अब मामले की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमरजेंसी लैंडिंग की असली वजह क्या थी।