कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार गठन की तैयारियों में जुट गई है। इस बीच एक अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद विधायक दल का नेता और राज्य के अगले मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए कोलकाता आ रहे हैं।
रीति तोड़कर खुद कमान संभालेंगे शाह
आमतौर पर अमित शाह राज्यों में विधायक दल के नेता के चुनाव में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते हैं, लेकिन बंगाल की जीत को बीजेपी नेतृत्व 'अपवाद' मान रहा है। सूत्रों के अनुसार, अमित शाह मंगलवार रात या बुधवार सुबह कोलकाता पहुंच सकते हैं। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी होंगे, जिन्हें बंगाल का सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। अमित शाह को स्वयं बंगाल के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शुभेंदु अधिकारी का नाम रेस में सबसे आगे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसकी मुख्य वजह उनकी दोहरी जीत है—उन्होंने न केवल नंदीग्राम बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। हालांकि, रेस में एक-दो और नाम होने की चर्चा है, जिस पर शाह और माझी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर अंतिम मुहर लगाएंगे।
9 मई को होगा भव्य शपथ ग्रहण
बंगाल में नई बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य का दौरा करेंगे। पीएम के आने से पहले बीजेपी मुख्यमंत्री चयन की पूरी प्रक्रिया को संपन्न कर लेना चाहती है।
शाह की रणनीति का कमाल
छब्बीस के इस 'बंग विजय' के पीछे अमित शाह की मेहनत को मुख्य वजह माना जा रहा है। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में जनसभाएं कीं और रणनीतिक रूप से पार्टी को मजबूत किया। चुनाव के आखिरी चरण में वे कई दिनों तक बंगाल में ही डेरा डाले रहे, जिसका परिणाम इस बड़ी जीत के रूप में सामने आया है।