असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां करीब 5.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) सुविधा शुरू कर दी है। वहीं भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत-3' के तहत बचाव अभियान तेज कर दिया है।
असम में बाढ़ का कहर, 16 जिलों में लाखों लोग प्रभावित
लगातार बारिश के कारण असम के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 16 जिलों में करीब 5.6 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जबकि सड़क और संचार व्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ा है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ से कई लोगों की मौत की भी खबर है। प्रशासन राहत शिविरों के जरिए प्रभावित लोगों तक भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में जुटा है।
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, शुरू हुई ICR मोबाइल नेटवर्क सुविधा
बाढ़ के दौरान संचार व्यवस्था प्रभावित होने के बाद भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने आपातकालीन व्यवस्था के तहत इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) सुविधा लागू कर दी है। फिलहाल यह सुविधा चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में शुरू की गई है। इसके तहत यदि किसी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क उपलब्ध नहीं होगा, तो उपभोक्ता दूसरे ऑपरेटर के उपलब्ध नेटवर्क का उपयोग कर सकेंगे। इससे राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान संचार व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी और प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा करेंगे हवाई सर्वेक्षण
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बुधवार को चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। राज्य सरकार ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय सेना का 'ऑपरेशन जल राहत-3' जारी
राज्य प्रशासन के अनुरोध पर भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत-3' शुरू किया है। सेना की विशेष टीमें नावों और आधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार बचाव अभियान चला रही हैं।
अब तक सेना ने 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें:
| बचाए गए लोगों का विवरण | संख्या |
|---|---|
| पुरुष | 73 |
| महिलाएं | 47 |
| बच्चे | 30 |
| कुल | 150 |
इंजीनियर टास्क फोर्स भी राहत अभियान में शामिल
सेना के अनुसार राहत कार्यों में इंजीनियर टास्क फोर्स की मदद ली जा रही है। विशेष बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की निकासी, राहत सामग्री वितरण और अन्य मानवीय सहायता कार्यों में जुटे हुए हैं। कई स्थानों पर जलभराव और सड़क संपर्क टूटने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन की प्राथमिकता: राहत, बचाव और संचार व्यवस्था
राज्य और केंद्र सरकार का पूरा फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और मोबाइल नेटवर्क जैसी जरूरी सेवाओं को चालू रखने पर है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।