जम्मू-कश्मीर में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है। सड़क संपर्क टूटने से सैकड़ों गांव जिला मुख्यालयों से कट गए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, जबकि अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार तीसरे दिन भी स्थगित है।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और बारिश से हालात गंभीर
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ, रियासी, रामबन, उधमपुर, श्रीनगर, बड़गाम और अन्य जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के चलते सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है। प्रशासन लगातार सड़कें बहाल करने और फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
25 लोगों की मौत, राजौरी-पुंछ सबसे ज्यादा प्रभावित
बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से पिछले तीन दिनों में राज्यभर में 25 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 21 मौतें राजौरी और पुंछ जिलों में दर्ज की गई हैं। दोनों जिलों में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। कई गांवों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें प्रभावित
- भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर का सड़क नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
- जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उधमपुर और रामबन में कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।
- जम्मू-पठानकोट हाईवे जलभराव के कारण प्रभावित रहा।
- राजौरी-पुंछ हाईवे करीब ढाई घंटे तक बंद रहा।
- सांबा-मानसर-उधमपुर मार्ग पर भी यातायात बाधित हुआ।
सलाल बांध के सभी गेट खोले गए
रियासी जिले में चिनाब नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद सलाल जलविद्युत परियोजना के सभी बैराज खोल दिए गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सके। प्रशासन ने चिनाब नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी यात्रा तीसरे दिन भी स्थगित
खराब मौसम और लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिवखोड़ी यात्रा लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रखी गई। कटड़ा में करीब 20 हजार श्रद्धालु यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि जम्मू, बालटाल और पहलगाम बेस कैंप में हजारों श्रद्धालु मौसम साफ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कटड़ा में रिकॉर्ड बारिश, यात्रा मार्ग पर गिरे पत्थर
पिछले तीन दिनों में कटड़ा में लगभग 300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा मानी जा रही है। माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने की घटनाएं हुईं। राहत की बात यह रही कि यात्रा पहले से बंद होने के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
गृह मंत्री अमित शाह ने ली स्थिति की जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से फोन पर बात कर बाढ़ और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि प्रभावित 435 मार्गों में से 356 सड़कों को दोबारा चालू कर दिया गया है और बाकी मार्गों पर तेजी से काम जारी है।
कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित
जम्मू के खौड़ क्षेत्र में बिजली गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं सांबा के सुंब ब्लॉक के लगभग 70 से 80 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। कठुआ में जम्मू-पठानकोट हाईवे पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। बिलावर क्षेत्र में नदी में फंसे दो युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
कश्मीर घाटी में लगातार जारी है बारिश
श्रीनगर, पुलवामा, बांदीपोरा सहित घाटी के कई जिलों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। प्रशासन ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से नदियों, नालों और जलस्रोतों से दूर रहने की अपील कर रही हैं।