भोपाल- मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। सरकार ने इसे प्रदेश के इतिहास का ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि यह कानून सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और समान अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी होगी और इसके बाद प्रदेश में कानून लागू किया जाएगा।
सीएम बोले- जो कहा था, वह करके दिखाया
विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के इतिहास में 21 जुलाई का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व के मार्गदर्शन में सरकार समानता, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। सीएम ने कहा कि UCC लागू होने के बाद प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए विवाह, उत्तराधिकार और पारिवारिक अधिकारों से जुड़े मामलों में समान कानून लागू होगा।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगा कानून
सरकार के अनुसार विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसका राजपत्र में प्रकाशन होगा और फिर इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
महिलाओं को मिलेंगे समान अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद महिलाओं को विवाह, संपत्ति, उत्तराधिकार और पारिवारिक अधिकारों में समान कानूनी संरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक से अधिक विवाह जैसी व्यवस्था पर रोक लगेगी और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की "आधी आबादी" को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह कानून उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
लिव-इन रिलेशनशिप पर भी होंगे प्रावधान
सीएम मोहन यादव ने कहा कि विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि निर्धारित कानूनी नियमों का उल्लंघन कर लिव-इन संबंधों का दुरुपयोग किया गया, तो संबंधित कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
'नैतिक आधार पर चल रही है सरकार'
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नैतिक मूल्यों के आधार पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई बड़े सुधार हुए हैं और मध्य प्रदेश ने UCC लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाकर एक नई मिसाल पेश की है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाज में भेदभाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए समान न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करना है।
सोशल मीडिया पर भी दी बधाई
सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्य प्रदेश विधानसभा द्वारा 'मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026' पारित किया जाना प्रदेश के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह कानून नारी सशक्तिकरण, समान न्याय और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करेगा।
क्या बदल सकता है UCC लागू होने के बाद?
सरकार के अनुसार UCC लागू होने के बाद-
विवाह और तलाक से जुड़े मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी।
उत्तराधिकार और संपत्ति के अधिकारों में समानता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रहेगा।
महिलाओं के अधिकारों को अधिक कानूनी संरक्षण मिलेगा।
पारिवारिक मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर समान व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य रहेगा।