बारामती- : महाराष्ट्र के पुणे जिले में बारामती हवाई पट्टी के पास रविवार दोपहर एक निजी कंपनी का प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा करीब 12:30 बजे हुआ। राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर हादसे की वजह की जांच कर रहे हैं।
ट्रेनिंग विमान लैंडिंग के दौरान फिसला
पुणे पुलिस के मुताबिक, प्रशिक्षण विमान बारामती हवाई पट्टी पर लैंडिंग के दौरान रनवे पर फिसल गया। विमान एक निजी कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा था। घटना के तुरंत बाद पुलिस और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआती जानकारी में किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं मिली है।
हादसे की असली वजह अभी साफ नहीं
अभी तक दुर्घटना के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि विमान में कोई तकनीकी खराबी आई थी या हादसा किसी अन्य वजह से हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी संभावित कारण पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
बारामती में पहले भी हो चुके हैं विमान हादसे
बारामती एयरपोर्ट के आसपास इससे पहले भी विमान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी 2026 में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर जा रहा Learjet 45 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो कर रहा है।
मई में भी प्रशिक्षण विमान हुआ था दुर्घटनाग्रस्त
इससे पहले मई में भी बारामती के पास एक प्रशिक्षण विमान हादसे का शिकार हुआ था। उस दुर्घटना में रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी का विमान क्रैश-लैंड हुआ था और प्रशिक्षु पायलट सुरक्षित बच गया था। शुरुआती जानकारी में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई थी।
बार-बार हादसों से विमान सुरक्षा पर सवाल
बारामती में कुछ ही महीनों के अंतराल में प्रशिक्षण और अन्य विमानों से जुड़ी घटनाओं ने एयरपोर्ट की विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में रविवार के हादसे की जांच में विमान की तकनीकी स्थिति, संचालन और लैंडिंग के दौरान सामने आई परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह
फिलहाल पुलिस और संबंधित विमानन अधिकारी घटना की जांच में जुटे हैं। हादसे में किसी के हताहत नहीं होने से राहत है, लेकिन दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।