पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण में दक्षिण 24 परगना का भांगड़ क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र में बदल गया जब आईएसएफ (ISF) उम्मीदवार नौशाद सिद्दीकी को बूथ निरीक्षण के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ‘गो बैक’ के नारे, पत्थरबाजी और झड़पों के बीच स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मतदान प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित हो गई और मतदाता दहशत में बूथ छोड़कर भागने लगे।
बूथ निरीक्षण के दौरान तनाव, हिंसा में बदली स्थिति
नौशाद सिद्दीकी जैसे ही एक संवेदनशील बूथ पर पहुंचे, पहले से मौजूद TMC समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते नारेबाजी हाथापाई और फिर पत्थरबाजी में बदल गई। सुरक्षा बलों को हालात काबू करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
मतदाताओं में दहशत, मतदान प्रक्रिया प्रभावित
हिंसा और अफरातफरी के चलते आम मतदाता डर गए और कई लोग मतदान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। इस दौरान कुछ समय के लिए मतदान भी रोकना पड़ा।
दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप
नौशाद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकतांत्रिक अधिकार के तहत बूथ निरीक्षण से रोका गया और यह सब साजिश के तहत किया गया।
वहीं TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाहरी तत्व इलाके में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे और मतदाताओं को प्रभावित किया जा रहा था।
प्रशासन अलर्ट, अतिरिक्त फोर्स तैनात
घटना के बाद भांगड़ में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है और पुलिस लगातार इलाके में रूट मार्च कर रही है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।