भोपाल: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल रहा है। रविवार को भोपाल, सीहोर, इंदौर, रायसेन और खरगोन समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि तेज हवाओं के कारण कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। रायसेन में आंधी के चलते मकानों के छप्पर उड़ गए, वहीं खरगोन में खेती-किसानी के काम प्रभावित हुए। मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य प्रदेश में 18 जून तक मानसून प्रवेश कर सकता है। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
भोपाल-सीहोर में झमाझम बारिश, रायसेन में हुआ नुकसान
रविवार को राजधानी भोपाल सहित आसपास के कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ। रायसेन जिले में तेज आंधी के कारण कई मकानों के छप्पर उड़ गए और ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान की खबरें सामने आईं। सीहोर में भी तेज हवाओं और बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
खरगोन में खेती पर असर, किसानों की बढ़ी चिंता
खरगोन जिले में तेज हवाओं और बारिश का असर खेती-किसानी पर भी देखने को मिला। खेतों में चल रही निंदाई और बुआई का कार्य प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम के कारण कृषि कार्यों की योजना प्रभावित हो रही है। हालांकि कई इलाकों में हुई बारिश से खेतों को नमी मिली है, लेकिन तेज हवाओं ने फसलों और कृषि कार्यों को नुकसान भी पहुंचाया है।
18 जून तक मानसून की दस्तक के संकेत
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से तीन से चार दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मानसून के 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून आने तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां बनी रहेंगी और कई जिलों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
शिवपुरी-अशोकनगर में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने शिवपुरी और अशोकनगर जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अगले चार दिन तक जारी रहेगा आंधी-बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में एक ट्रफ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। कई जिलों में आंधी-बारिश के साथ तेज गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर में उमस और गर्मी के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
शनिवार को 70 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी
शनिवार को भोपाल सहित कई जिलों में तेज आंधी चली, जिसकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रतिघंटा या उससे अधिक दर्ज की गई। नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, सीहोर और नरसिंहपुर में तेज बारिश के साथ आंधी का असर देखा गया। कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। इटारसी में एक पेड़ एंबुलेंस पर गिर गया, जबकि कई इलाकों में बिजली विभाग के कर्मचारी बाल-बाल बच गए।
तापमान में आई गिरावट, गर्मी से मिली राहत
बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 38.1 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 36.8 डिग्री और ग्वालियर में 34.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं शिवपुरी प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दूसरी ओर राजगढ़ 41 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।