फ्रांस- फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार क्षमता को दुनिया के सामने प्रमुखता से रखा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की समस्याओं के समाधान खोजने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने भारतीय युवाओं, स्टार्टअप्स और नई तकनीकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत में चल रही स्टार्टअप क्रांति वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानवता के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है।
मैक्रों ने गर्मजोशी से किया पीएम मोदी का स्वागत
फ्रांस पहुंचने पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और दुनिया के कई देशों के स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक, वेंचर कैपिटलिस्ट और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य नवाचार, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए साझा मंच तैयार करना है। इस मौके पर दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस साझेदारी को भविष्य की तकनीकों और नवाचार आधारित विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
'कुछ रिश्ते साझा विजन और भरोसे पर चलते हैं'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में कई देश व्यापार और रणनीतिक हितों के आधार पर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं जो साझा सोच, साझा मूल्यों और साझा विजन पर आधारित होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस का संबंध भी इसी श्रेणी में आता है। दोनों देश वैश्विक शांति, तकनीकी विकास, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जब दो लोकतांत्रिक देश समान सोच के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उनके सहयोग का लाभ पूरी दुनिया को मिलता है।
भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स, दुनिया को दे रहे नए समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत में दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, ऊर्जा, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य क्षेत्रों में नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद 100 से अधिक स्टार्टअप्स भारत की विशाल नवाचार क्षमता की केवल एक झलक हैं। ये स्टार्टअप्स न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर जटिल समस्याओं के व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत कर रहे हैं। भारत के युवा उद्यमी अब दुनिया के लिए नए बिजनेस मॉडल और टेक्नोलॉजी विकसित कर रहे हैं।
'भारत अब पूरी दुनिया के लिए इनोवेशन कर रहा है'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का इनोवेशन मॉडल केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। भारत बड़े पैमाने पर, तेज गति से और टिकाऊ भविष्य के लिए नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं की सोच और क्षमता दुनिया के सामने नए अवसर पैदा कर रही है। डिजिटल भुगतान, हेल्थ टेक, स्पेस टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक और एआई जैसे क्षेत्रों में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे आज दुनिया के लिए प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब समस्याओं का हिस्सा नहीं, बल्कि समाधान का केंद्र बनकर उभर रहा है।
स्टार्टअप क्रांति से बदल रही भारत की तस्वीर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा है और स्टार्टअप क्रांति इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अब नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं। सरकार द्वारा बनाए गए अनुकूल माहौल, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थन ने देश में उद्यमिता को नई ऊंचाई दी है। ‘भारत इनोवेट्स’ जैसे मंच भारतीय युवाओं को वैश्विक पहचान दिलाने और उनके विचारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
मैक्रों बोले- भारत और फ्रांस मिलकर बना रहे भविष्य की तकनीक
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देश भविष्य की तकनीकों और नवाचार पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। मैक्रों ने स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर जैसी उन्नत तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो आने वाले समय में वैश्विक विकास को नई दिशा देंगे।
G7 शिखर सम्मेलन से पहले बढ़ा भारत का वैश्विक प्रभाव
फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी G7 शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरे को भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग और वैश्विक निवेश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों की भी संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से भारत की वैश्विक भूमिका और प्रभाव को और मजबूती मिलेगी।