धार। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। मस्जिद पक्ष की ओर से दायर अंतरिम याचिका पर न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ सुनवाई करेगी। यह मामला कोर्ट की सूची में क्रमांक 177 पर शामिल है। इस सुनवाई को लेकर मंदिर पक्ष और मस्जिद पक्ष दोनों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।
अंतरिम व्यवस्था पर होगा फैसला?
पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद भोजशाला परिसर के पीछे स्थित खसरा क्रमांक-612 पर पहली बार शुक्रवार की नमाज अदा की गई थी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अदालत मौजूदा अंतरिम व्यवस्था को बरकरार रखेगी या इसमें कोई बदलाव करेगी। यदि सुनवाई के बाद अदालत फैसला सुरक्षित रखती है, तो अंतिम निर्णय आने तक नमाज और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर क्या व्यवस्था लागू रहेगी, इस पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
प्रशासन की अगली रणनीति कोर्ट के आदेश पर निर्भर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही जिला प्रशासन आगे की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क है और कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा। भोजशाला विवाद लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है और इससे जुड़े हर फैसले पर दोनों पक्षों की विशेष नजर रहती है।