देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। सबसे अधिक असर केरल और असम में देखने को मिल रहा है, जहां मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
केरल में बारिश-बाढ़ से 25 लोगों की मौत, हजारों लोग राहत शिविरों में
केरल में एक अगस्त से जारी भारी बारिश के कारण हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग लापता हैं और कई अन्य घायल हुए हैं।
लगातार बारिश के कारण अनेक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। दर्जनों घर पूरी तरह ढह गए हैं, जबकि सैकड़ों मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राज्यभर में 400 से अधिक राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 18 हजार से ज्यादा लोग आश्रय लिए हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और अलाप्पुझा शामिल हैं, जहां निचले इलाकों में अब भी जलभराव बना हुआ है।
सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक बारिश, कई जिलों में रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 1 से 4 अगस्त के बीच केरल में सामान्य से लगभग 181 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।
लगातार खराब मौसम को देखते हुए पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। अन्य कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट लागू है।
दस्तावेज और किताबें बहने पर सरकार करेगी मदद
बाढ़ के कारण हजारों परिवारों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, बच्चों की किताबें और घरेलू सामान नष्ट हो गए हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए विशेष व्यवस्था करने की घोषणा की है सरकार प्रभावित परिवारों के जरूरी दस्तावेज दोबारा जारी कराने के लिए विशेष शिविर लगाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। जिन परिवारों ने घर या आजीविका खोई है, उन्हें आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया था। हालांकि मंगलवार सुबह इसमें कुछ कमी दर्ज की गई। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या 87 पहुंची
असम में भी बाढ़ का संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटे में दो और लोगों की मौत के बाद इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या 87 हो गई है।
राज्य के कई जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.28 लाख लोग प्रभावित हैं। शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
ओडिशा में राहत पैकेज का ऐलान
ओडिशा सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए 110 करोड़ रुपये के प्रारंभिक राहत पैकेज की घोषणा की है।
राज्य में बाढ़ से छह लोगों की मौत हुई है और हजारों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। फसल और पशुधन के नुकसान का भी नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन राज्यों में होने वाली भारी बारिश का असर असम के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। वहीं नागालैंड के कई हिस्सों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने, नदी-नालों के पास जाने से बचने और आवश्यकता होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
Key Highlights
- केरल में भारी बारिश और बाढ़ से 25 लोगों की मौत।
- असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 87 हुई।
- केरल में 18 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में।
- IMD ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
- ओडिशा सरकार ने 110 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की।
- अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में भी भारी बारिश की चेतावनी।
- कई राज्यों में राहत और बचाव अभियान जारी।