बिहार: बिहार में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की देश की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सरदार पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मान देने के लिए यह कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल ने आजादी के बाद देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता को नई मजबूती मिली। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पटेल के आदर्शों को याद करते हुए लोगों से उनके विचारों को अपनाने की अपील भी की।
सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का ऐलान
पटना के बापू सभागार में साझी विरासत अभियान की ओर से आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार में सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान और देश के प्रति समर्पण को याद रख सकें। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पटेल देश के सबसे मजबूत और दूरदर्शी गृह मंत्रियों में से एक थे। स्वतंत्रता के बाद जब देश के सामने अलग-अलग रियासतों को एकजुट करने की चुनौती थी, तब पटेल ने अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से इस काम को पूरा किया। उनके प्रयासों ने एक मजबूत और अखंड भारत के निर्माण का रास्ता तैयार किया।
2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरदार पटेल ने जिस मजबूत और एकजुट भारत का सपना देखा था, उसे आगे बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों का भी उल्लेख किया। सीएम ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राष्ट्रीय एकता और आपसी सहयोग बेहद जरूरी है। सरदार पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि मजबूत नेतृत्व और सामूहिक प्रयासों से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
निशांत ने कहा- अखंड भारत के निर्माण में पटेल का योगदान अतुलनीय
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पटना के अशोक कन्वेंशन केंद्र में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने हिस्सा लेकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में पटेल का योगदान अतुलनीय और हमेशा याद रखने योग्य है। निशांत ने कहा कि आजादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अलग-अलग रियासतों का एकीकरण करना था। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके प्रयासों के कारण ही एक मजबूत और संगठित भारत की नींव तैयार हो सकी। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में सरदार पटेल का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।
पटेल चौक पर राजकीय समारोह, मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर पटना के पटेल चौक पर भी राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चितकोहरा पुल के नजदीक स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की आदमकद प्रतिमा के परिसर में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यहां पहुंचकर सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें नमन किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और मंत्री विजय सिन्हा भी मौजूद रहे। इनके अलावा डॉ. दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, शीला कुमारी, रत्नेश सादा और लखेन्द्र कुमार रौशन ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायक श्याम रजक और संजीव चौरसिया समेत कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। समारोह के जरिए सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान और राष्ट्रीय एकता के संदेश को याद किया गया।