आज से बजट सत्र शुरू हो रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा समेत कैबिनेट मंत्री और सांसद संसद पहुंच चुके हैं। संसद में एंट्री करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने हंस द्वार पर मीडिया के द्वारा देश को संबोधित किया। सत्र के पहले दिन आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों को संबोधित करेंगी। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट पेश करेंगी।
देवी मां लक्ष्मी को प्रणाम करता हूं
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज बजट सत्र के प्रारंभ में मैं समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को प्रणाम करता हूं। मां लक्ष्मी हमें सिद्धि और विवेक देती हैं। समृद्धि और कल्याण भी देती हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि देश के हर गरीब एवं मध्यम वर्गीय समुदाय पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहे। कोई भी काम शुरू करने से पहले सदियों से हमारे यहां मां लक्ष्मी का स्मरण किया जाता रहा है।
आइए बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की खास बातें पढ़ें…
- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे गणतंत्र के 75 वर्ष पूरे हुए हैं और यह हर देशवासी के लिए गौरव के क्षण हैं। विश्व के लोकतांत्रिक देशों के लिए भी भारत का यह सामर्थ्य अपना एक विशेष स्थान रखता है।
- उन्होंने कहा कि देश ने तीसरी बार जनसेवा देशसेवा करने का दायित्व सौंपा है। तीसरे कार्यकाल का पहला और पूर्ण बजट है। विश्वास से कह सकता हूं कि विकसित भारत के संकल्प में यह बजट नई उर्जा और विश्वास देगा।
- PM मोदी ने कहा कि तीसरे कार्यकाल में मिशन मोड में देश के आर्थिक समाजिक विकास के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हमारा मिशन देश का, देशवासियों का सर्वांगीण विकास है। हमारा देश युवा देश है, युवा शक्ति है। 20-25 साल के आज के नौजवान 45-50 साल की उम्र में विकसित भारत के सबसे बड़े लाभार्थी होंगे।
- इस बार बजट सत्र में कई ऐतिहासिक बिल कानून बनेंगे। सत्र नारी शक्ति के लिए विशेष होगा। इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।
- उन्होंने कहा कि तीसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। बजट देश में नया विश्वास पैदा करेगा। 2047 में विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा, इसकी तस्वीर बजट में दिखाई जाएगी। इनोवेशन हमारी आर्थिक नीति का आधार है, इसलिए बजट में सरकार रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर फोकस रहेगी।
- PM मोदी ने कहा कि आज 2014 से लेकर अब तक इस बार पहला सेशन है, जब सत्र से पहले विदेश से कोई चिंगारी नहीं निकली। हर सत्र से पहले यह होता था और यहां हवा देने वालों की कमी नहीं है। हर बार कोई विदेशी चिंगारी फोड़कर शरारत की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
Comments (0)