DU में यूजी, पीजी और पीएचडी कोर्सेस की फीस बढ़ा दी गई है। 2024-25 सेशन में एडमिशन लेने वाले छात्रों को पहले से ज्यादा फीस देनी होगी। फीस बढ़ने पर शिक्षकों ने नाराजगी जताई है। नए नियमों के अनुसार, बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए 3.70 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी की गई है। पहले बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए फीस 2.16 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2.24 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा पांच वर्षीय विधि कार्यक्रमों के लिए 1.90 लाख रुपये से 1.99 लाख रुपये तक पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सबसे ज्यादा पीएचडी पाठ्यक्रमों की फीस संरचना में वृद्धि करते हुए 60.22 प्रतिशत कर दिया गया है।
शोध छात्रों को आगामी सत्र से कुल 7,130 रुपये फीस देनी होगी, जबकि पिछली फीस 4,450 रुपये थी। विश्वविद्यालय में प्रवेश चाहने वाले विदेशी छात्रों के मामले में कुछ पाठ्यक्रमों में शुल्क में वृद्धि की गई है। हालांकि, DU के एमए हिंदू अध्ययन कार्यक्रम में दाखिला लेने के इच्छुक अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पाठ्यक्रम मूल्य में छूट दी गई है। सार्क देशों के छात्रों के लिए एक लाख रुपये से घटाकर 50,000 रुपये और गैर- सार्क देशों के छात्रों के लिए दो लाख से घटाकर एक लाख रुपये फीस कर दी गई है। इसके अलावा विदेशी छात्रों में तिब्बती आवेदकों को विश्वविद्यालय पंजीकरण शुल्क और विदेशी छात्रों के रूप में कालेजों और विभागों को देय अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने से छूट दी जाएगी।
DU में यूजी, पीजी और पीएचडी कोर्सेस की फीस बढ़ा दी गई है। 2024-25 सेशन में एडमिशन लेने वाले छात्रों को पहले से ज्यादा फीस देनी होगी।
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