भोपाल- राजधानी में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने मिलकर महिलाओं के अधिकारों को रोकने का काम किया है और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय किया है।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान तेज
सीएम ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पारित नहीं हो सका, लेकिन विपक्ष ने इसे लेकर गंभीरता दिखाने के बजाय जश्न मनाया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता पहले महिलाओं के अधिकारों की बात करते थे, वही अब पीछे हट गए हैं।
“नारी अपमान कभी नहीं भूलती”—सीएम का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों पर “डाका” डाला है, लेकिन सरकार बहनों को उनका हक दिलाकर रहेगी। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि देश में महिलाओं के अधिकारों के लिए हमेशा बड़े नेताओं और समाज सुधारकों ने संघर्ष किया है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

जन-आक्रोश पदयात्रा में उमड़ा महिलाओं का सैलाब
भोपाल में आयोजित इस पदयात्रा में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिला सांसद, विधायक और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सीएम ने प्रतीकात्मक रूप से आसमान में काले गुब्बारे छोड़कर विपक्ष के खिलाफ विरोध जताया और इसे “महिला सम्मान की लड़ाई” बताया।
सरकार बहनों के साथ, हर स्तर पर होगा विरोध
सीएम ने साफ किया कि राज्य सरकार महिलाओं के साथ खड़ी है और इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नगरपालिकाओं और नगर निगमों में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को मजबूती से रखा जा सके।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का भी हमला
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Hemant Khandelwal ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के सशक्तिकरण के मौके को रोक दिया।