छत्तीसगढ़ में जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण प्रभावित और निरस्त की गई ट्रेनों को अब धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है।रेलवे के अनुसार, यह बहाली रविवार से शुरू होकर 22 अप्रैल तक अलग-अलग चरणों में लागू की जा रही है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन पहले की तरह सुचारू हो सकेगा।
इन प्रमुख मेमू ट्रेनों का संचालन फिर शुरू
बहाल की गई ट्रेनों में रायगढ़-बिलासपुर मेमू (68737), बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (68738, 68736) और रायगढ़-बिलासपुर मेमू (68735) शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर-गेवरारोड (68746) और गेवरारोड-रायपुर (68745) मेमू सेवाएं भी दोबारा शुरू कर दी गई हैं।
पैसेंजर और अन्य रूट की ट्रेनें भी बहाल
रायपुर जंक्शन से कोरबा के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें (58204 और 58203) भी पुनः संचालन में आ गई हैं। साथ ही बिलासपुर-गेवरारोड, गेवरारोड-बिलासपुर और बिलासपुर-कोरबा रूट की मेमू ट्रेनें (68734, 68733, 68732, 68731) भी अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।
आंशिक रूप से चल रही ट्रेनें अब पूरी तरह बहाल
पहले आंशिक रूप से संचालित हो रही गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू (68861) और झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू (68862) को अब पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। ये ट्रेनें अब पूरे रूट पर नियमित रूप से संचालित होंगी।
भीषण गर्मी में यात्रियों की परेशानी जारी
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को तेज धूप और उमस के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक पंखे भी गर्मी के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं, जिससे यात्री पसीने से बेहाल नजर आ रहे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है।