पुलिस जांच में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या अचानक नहीं हुई थी। कई दिनों से उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी और पूरा प्लान पहले से तैयार था। उनके आने-जाने का रूट और समय तक ट्रैक किया गया था।
लगातार की गई थी रेकी, हर मूवमेंट पर थी नजर
सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की लगातार रेकी की थी। उनकी गाड़ी, रूट और दैनिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई थी ताकि हमला सही समय पर किया जा सके।
हमले से पहले रिहर्सल तक की आशंका
जांच एजेंसियों को शक है कि वारदात से पहले हमले की रिहर्सल भी की गई थी। यह संकेत देता है कि पूरी साजिश बेहद संगठित तरीके से तैयार की गई थी।
गाड़ी रोककर बाइक सवार हमलावरों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
घटना उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को एक कार ने रोका। इसके तुरंत बाद बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल से बरामद हुए 9mm के खोखे, कई शूटर शामिल होने का शक
पुलिस ने मौके से 9mm के खोखे बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हमले में 3 से 4 लोग शामिल थे, जिन्होंने प्रोफेशनल तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
CID और SIT को सौंपी गई जांच, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CID और SIT को सौंप दी गई है। पुलिस ने कई CCTV फुटेज जब्त किए हैं और संदिग्ध वाहन की पहचान भी कर ली है।
राजनीतिक तनाव के बीच बंगाल में बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। लगातार सामने आ रही हिंसा की घटनाओं ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।