राष्ट्रीय राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा ने मौसम को अपेक्षाकृत सुहावना बनाया है, लेकिन इसके साथ जलभराव, धीमी यातायात व्यवस्था और दैनिक जीवन में व्यवधान जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि आगामी 14 अगस्त तक आकाश में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और समय-समय पर हल्की से मध्यम वर्षा होती रहेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस अवधि में वर्षा का स्वरूप स्थान और समय के अनुसार बदल सकता है, इसलिए नागरिकों को मौसम संबंधी अद्यतन सूचनाओं पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है।
दो वर्षों का रिकॉर्ड टूटा, अगस्त में सबसे अधिक वर्षा वाला दिन दर्ज
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार का दिन पिछले दो वर्षों में अगस्त महीने का सबसे अधिक वर्षा वाला दिन रहा। बीते 24 घंटों के दौरान राजधानी में 98.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिसने हाल के वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अगस्त के शुरुआती दिनों में ही कुल वर्षा का स्तर सामान्य मासिक औसत के काफी करीब पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक वर्षा का यही क्रम जारी रहता है तो इस महीने वर्षा के नए रिकॉर्ड भी बन सकते हैं। लगातार हो रही वर्षा का सकारात्मक प्रभाव भूजल पुनर्भरण और तापमान में गिरावट के रूप में दिखाई दे रहा है, हालांकि शहरी जलनिकासी व्यवस्था पर इसका दबाव भी बढ़ा है।
बारिश के साथ उमस भी करेगी परेशान
मौसम विभाग का कहना है कि वर्षा के बावजूद राजधानी में उमस से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। रविवार को न्यूनतम तापमान लगभग 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बादलों के बीच जब भी धूप निकलेगी, वातावरण में नमी अधिक होने के कारण उमस का स्तर बढ़ सकता है। यही कारण है कि लोगों को मौसम कभी सुहावना तो कभी असहज महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा लंबे समय तक खुले वातावरण में रहने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
जलभराव और यातायात पर पड़ सकता है असर
लगातार वर्षा के कारण राजधानी के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों में भी अनेक प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को कार्यालयों तथा अन्य गंतव्यों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। यदि आगामी दिनों में मध्यम या तेज वर्षा का दौर जारी रहता है तो सुबह और शाम के व्यस्त यातायात समय में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। नगर निकायों और संबंधित एजेंसियों ने जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।
14 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले छह दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने, रुक-रुक कर वर्षा होने और कुछ स्थानों पर मध्यम तीव्रता की वर्षा की संभावना बनी रहेगी। तापमान सामान्य से नीचे अथवा उसके आसपास रहने का अनुमान है, जिससे भीषण गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन नमी का स्तर अधिक बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की वर्तमान सक्रियता के कारण स्थानीय स्तर पर वर्षा की तीव्रता में अंतर देखने को मिल सकता है। इसलिए किसी क्षेत्र में हल्की फुहारें तो किसी अन्य क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतने तथा जलमग्न मार्गों से गुजरने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार वर्षा के बीच बिजली गिरने और तेज हवा जैसी स्थानीय मौसमीय घटनाओं की संभावना भी बनी रह सकती है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभाग सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। यदि मौसम विभाग की वर्तमान भविष्यवाणी सही साबित होती है, तो स्वतंत्रता दिवस से पहले तक दिल्ली-एनसीआर में मानसून की सक्रियता बनी रहने की पूरी संभावना है।