दिल्ली: में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत चुनाव आयोग की कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल सहित कई प्रमुख हस्तियों और राजनीतिक दिग्गजों को फॉर्म की विसंगतियों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व सीएम केजरीवाल को नोटिस
चुनाव आयोग के मुताबिक, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उनके फॉर्म में आयु से संबंधित विसंगति (Logical Discrepancy) मिलने के कारण नोटिस भेजा गया था। हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि बीएलओ (BLO) द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद मुख्यमंत्री के नाम को सत्यापित कर लिया गया है और शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम शामिल रहेगा। वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को 'अनमैपिंग' यानी 2002 के पिछले एसआईआर रिकॉर्ड से लिंक न होने के कारण नोटिस दिया गया है। नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के ईआरओ (ERO) ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनके नाम को अंतिम सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखा गया है।
लंबी है दिग्गजों और वीवीआईपी की सूची
चुनाव आयोग के इस एसआईआर अभियान के दायरे में केवल मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े नाम भी शामिल हैं। नोटिस प्राप्त करने वाले दिग्गजों की सूची में पूर्व उपराज्पाल/उपराष्ट्रपति से जुड़े नाम, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन लोकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, पूर्व मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी और दिल्ली के मंत्री प्रवेश सिंह के अलावा कई अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और बीजेपी नेता सुधांशु मित्तल को भी नोटिस मिलने की पुष्टि की गई है।
33 लाख से अधिक मतदाताओं को भेजे गए हैं नोटिस
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में घर-घर जाकर चलाए गए सत्यापन अभियान के बाद, ड्राफ्ट सूची में विवरण संबंधी गड़बड़ियों के चलते कुल 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने थे। इनमें से अब तक लगभग 31.63 लाख मतदाताओं तक नोटिस पहुंचाए जा चुके हैं। अधिकांश नोटिस 2002 के पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से रिकॉर्ड गायब होने या लिंक न हो पाने के कारण दिए गए हैं। सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के दावे और आपत्ति चरण के तहत सभी प्रभावित मतदाताओं को 29 अक्टूबर तक अपने जवाब और जरूरी दस्तावेज संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) के पास जमा कराने होंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का पक्ष
इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीन बार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के नाम को लेकर सवाल उठाए हैं। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया के जरिए तंज कसते हुए चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि न्यायपालिका, जन प्रतिनिधियों, कला, संस्कृति, पत्रकारिता और खेल जगत समेत सभी प्रमुख हस्तियों के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए हैं ताकि तय समयसीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों का मिलान किया जा सके।