लखनऊ: उत्तरप्रदेश में लगातार हुई मानसूनी बारिश के बाद कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। सीतापुर में स्थानीय नदियों का पानी छोटे पुलों के ऊपर से बह रहा है और कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं महोबा में रिकॉर्ड बारिश के बाद यूपी-एमपी सीमा पर स्थित लहचूरा बांध समेत जिले के सभी 6 डैम ओवरफ्लो हो गए हैं।ललितपुर में गोविंद सागर बांध के चार गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि गोंडा में घाघरा नदी के कटान से चार गांव अब भी प्रभावित हैं। हालांकि रविवार सुबह लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में मौसम फिलहाल साफ है।
सीतापुर में पुलों के ऊपर से बह रहा पानी
लगातार बारिश के बाद सीतापुर में स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई छोटे पुल पानी में डूब गए हैं और उनके ऊपर से पानी बह रहा है। सड़कें भी जलमग्न होने के कारण ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।कई बीघा कृषि भूमि में पानी भरने से फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों को आने-जाने के लिए ट्रैक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है।
महोबा के सभी 6 डैम ओवरफ्लो
महोबा में हुई रिकॉर्ड बारिश का असर बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। यूपी-एमपी सीमा पर बने लहचूरा बांध समेत जिले के सभी 6 डैम ओवरफ्लो हो गए हैं।बांधों में लगातार पानी की आवक के चलते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। वहीं ललितपुर में गोविंद सागर बांध के चार गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।
गोंडा में घाघरा नदी का कटान जारी
गोंडा में घाघरा नदी के कटान का असर अब भी बना हुआ है। नदी के कटान से 4 गांव प्रभावित हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।स्थानीय स्तर पर प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
आज 6 जिलों में बारिश का अलर्ट
रविवार सुबह लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा। हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है।मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 6 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
3 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में फिलहाल कुछ कमी रहेगी। करीब 3 दिनों के ब्रेक के बाद उत्तरप्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।इस दौरान कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पहले से जलभराव और नदी-नालों के बढ़े जलस्तर वाले इलाकों में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत होगी।