नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का तीसरा रनवे 11R/29L रविवार, 20 सितंबर से दोबारा संचालन में आ जाएगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी DIAL ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। रनवे को फरवरी में मरम्मत और बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए बंद किया गया था। करीब सात महीने तक चले काम के बाद अब इसे फिर से इस्तेमाल में लाया जाएगा।
जरूरी निरीक्षण और मंजूरियों के बाद शुरू होगा संचालन
DIAL के अनुसार, रनवे को दोबारा खोलने से पहले आवश्यक निरीक्षण, तकनीकी परीक्षण और नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस काम के दौरान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और विमानन कंपनियों के साथ समन्वय किया गया।
रनवे की सतह और लाइटिंग में किए गए सुधार
पुनर्वास कार्य के तहत रनवे की सतह को दोबारा तैयार करने और उसे मजबूत बनाने का काम किया गया है। साथ ही एयरफील्ड की ग्राउंड लाइटिंग, विद्युत व्यवस्था और संबंधित निर्माण सुविधाओं को उन्नत किया गया। परियोजना में नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे ‘RET Z1’ भी बनाया गया है।
रैपिड एग्जिट टैक्सीवे से क्या होगा फायदा?
रैपिड एग्जिट टैक्सीवे लैंडिंग के बाद विमान को मुख्य रनवे से जल्दी बाहर निकलने में मदद करता है। इससे रनवे पर विमान के रहने का समय घटता है और अगले विमान की आवाजाही के लिए रनवे जल्दी उपलब्ध हो सकता है। DIAL के मुताबिक, नए टैक्सीवे और अन्य सुधारों का उद्देश्य विमान संचालन को अधिक सुगम बनाना और रनवे की कार्यक्षमता बढ़ाना है।
2008 में शुरू हुआ था तीसरे रनवे का संचालन
दिल्ली एयरपोर्ट का यह रनवे वर्ष 2008 में चालू हुआ था। इसके बाद समय-समय पर रखरखाव किया जाता रहा है। वर्ष 2017 में भी सीमित स्तर पर मरम्मत हुई थी, लेकिन इस बार रनवे को मजबूत करने और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने का व्यापक काम किया गया है।
विमान संचालन की क्षमता को मिलेगा समर्थन
दिल्ली एयरपोर्ट पर कुल चार रनवे हैं। तीसरे रनवे के दोबारा उपलब्ध होने से विमान संचालन की क्षमता और लचीलेपन को समर्थन मिलेगा। DIAL का कहना है कि उन्नत रनवे, नया टैक्सीवे और बेहतर लाइटिंग व्यवस्था बढ़ते हवाई यातायात को संभालने तथा अलग-अलग मौसम परिस्थितियों में परिचालन की विश्वसनीयता बेहतर करने में मदद करेंगे।