UPI Tax News: भोपाल में UPI के जरिए होने वाले डिजिटल लेनदेन पर 0.4% टैक्स लगाए जाने के प्रस्ताव/फैसले को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। शहर के व्यापारी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि इससे कारोबार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की कोशिशों पर भी असर पड़ सकता है। इस मुद्दे को लेकर भोपाल शहर के व्यापारी संघ का प्रतिनिधिमंडल आज मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपकर 0.4% टैक्स को वापस लेने की मांग किए जाने की बात कही गई है।
व्यापारी क्यों कर रहे हैं विरोध?
व्यापारियों का कहना है कि UPI आज छोटे-बड़े कारोबार में भुगतान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त टैक्स लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। व्यापारी संगठनों का तर्क है कि यदि हर डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क या टैक्स का बोझ बढ़ता है, तो इसका असर खासकर छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि सरकार लगातार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है, ऐसे में UPI लेनदेन पर टैक्स का प्रस्ताव इस दिशा में चुनौती पैदा कर सकता है।
वित्त मंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन
व्यापारी संघ का प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के सामने अपनी आपत्तियां रखेगा। इस दौरान व्यापारी 0.4% टैक्स के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग करेंगे। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सरकार को व्यापारियों की समस्याओं और डिजिटल भुगतान से जुड़े अतिरिक्त खर्च को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की नीति पर भी सवाल
व्यापारियों का कहना है कि UPI के जरिए भुगतान को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करती रही हैं। ऐसे में UPI पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ लगाने से व्यापारियों और ग्राहकों के बीच डिजिटल भुगतान को लेकर असमंजस पैदा हो सकता है। अब व्यापारियों की नजर वित्त मंत्री के साथ होने वाली बैठक पर है। प्रतिनिधिमंडल की ओर से दिए जाने वाले ज्ञापन और सरकार के रुख के बाद इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।