लखनऊ - कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने वेज सीलिंग यानी PF के लिए वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों के PF में ज्यादा अंशदान जाएगा। इससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाली जमा राशि के साथ पेंशन और कर्मचारी बीमा से जुड़ा लाभ भी प्रभावित होगा।

50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा
लखनऊ मंडल में इस बदलाव से करीब 50 हजार से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के PF दायरे में आने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और बाराबंकी समेत संबंधित क्षेत्रों में अभी करीब 5.35 लाख कर्मचारियों का PF अंशदान हो रहा है। नई वेतन सीमा के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
अब 25 हजार रुपये तक के वेतन पर PF कटौती
पहले PF की वेतन सीमा 15 हजार रुपये थी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का वास्तविक वेतन 30 हजार रुपये था, तो नियोक्ता के लिए 15 हजार रुपये की सीमा तक PF अंशदान करना पर्याप्त था। इस आधार पर कर्मचारी का 12 प्रतिशत अंशदान 1,800 रुपये बनता था। अब नई सीमा 25 हजार रुपये होने के बाद इसी उदाहरण में कर्मचारी का 12 प्रतिशत अंशदान 3,000 रुपये होगा। यानी PF खाते में जाने वाली राशि बढ़ेगी और लंबे समय में रिटायरमेंट फंड पर इसका असर पड़ेगा।
वेतन को 15 हजार दिखाकर PF से बचने की कोशिश पर लगेगी रोक
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ संस्थान कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपये से अधिक होने के बावजूद PF कटौती से बचने के लिए वेतन संरचना उसी सीमा के आसपास रखते थे। नई वेज सीलिंग लागू होने के बाद ऐसे मामलों में PF के दायरे को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम अश्विनी कुमार गुप्ता के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को PF व्यवस्था से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है।
जिनकी कटौती पहले से वास्तविक वेतन पर हो रही, उन्हें भी लाभ
कई संस्थान पहले से ही कर्मचारियों के वास्तविक वेतन के आधार पर 12 प्रतिशत PF अंशदान जमा करा रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की मौजूदा PF कटौती में जरूरी नहीं कि बदलाव हो, लेकिन वेतन सीमा बढ़ने से पेंशन निर्धारण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ पर असर पड़ सकता है।
रोजगार योजना से जुड़े नए कर्मचारियों को भी फायदा
अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार पंजीकृत होने वाले कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिल सकता है। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और निर्माण क्षेत्र की कंपनियों को अधिक से अधिक कर्मचारियों को PF व्यवस्था में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सालों में ऐसे बढ़ी PF की वेतन सीमा
EPFO की वेज सीलिंग में समय-समय पर बदलाव किया गया है:
| अवधि | वेतन सीमा |
|---|
| वर्ष 2000 से पहले | ₹5,000 |
| 2001 से 2014 | ₹6,500 |
| 2014 से | ₹15,000 |
| 17 सितंबर से | ₹25,000 |
नई सीमा लागू होने के बाद अधिक कर्मचारियों को PF और उससे जुड़ी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाने का रास्ता खुलेगा। हालांकि, वास्तविक लाभ कर्मचारी की PF सदस्यता, अंशदान और लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।