कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा से पहले मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम तंत्र के कारण सितंबर के आखिरी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग इस पूरे सिस्टम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अंडमान सागर में बन सकता है निम्न दबाव
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के अंडमान सागर और उससे सटे इलाकों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद इस सिस्टम के बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने की स्थिति बन सकती है। सिस्टम की दिशा और ताकत में होने वाले बदलाव के आधार पर इसका असर पश्चिम बंगाल के मौसम पर भी पड़ सकता है।
सितंबर के अंत में बढ़ सकती है बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर के अंतिम सप्ताह में बंगाल के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बारिश कितनी तेज होगी और इसका सबसे ज्यादा असर किन जिलों में देखने को मिलेगा।
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बारिश का अनुमान
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, हावड़ा, हुगली, बांकुड़ा और पुरुलिया समेत कई इलाकों में मौसम बदल सकता है। तटीय जिलों में बंगाल की खाड़ी से आने वाले मौसम तंत्र का असर अधिक देखने को मिल सकता है।
कोलकाता में भी बदलेगा मौसम
कोलकाता और आसपास के इलाकों में भी बादल छाने के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हालांकि, राजधानी में बारिश की तीव्रता को लेकर स्थिति आने वाले दिनों में जारी होने वाले पूर्वानुमान से ज्यादा साफ होगी।
उत्तर बंगाल में भी बारिश की संभावना
दक्षिण बंगाल के अलावा उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार समेत कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में भी मौसम की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
क्या चक्रवात में बदलेगा सिस्टम?
अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव को लेकर अभी चक्रवात बनने की कोई निश्चित जानकारी नहीं है। फिलहाल मौसम विभाग सिस्टम की स्थिति, दिशा और ताकत पर नजर रख रहा है। इसलिए इसे अभी चक्रवात की पक्की चेतावनी के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
दुर्गापूजा से पहले बढ़ी चिंता
दुर्गापूजा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में सितंबर के अंत में संभावित बारिश ने पूजा की तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पंडाल निर्माण, बाजारों में खरीदारी और अन्य तैयारियों पर बारिश का असर पड़ सकता है। हालांकि, दुर्गापूजा के दौरान मौसम कैसा रहेगा, इसकी तस्वीर आने वाले दिनों में जारी होने वाले पूर्वानुमान से ही साफ होगी।