भोपाल। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों के लिए राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। साझा कार्यक्रम विवरण के अनुसार, शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को योजना का लाभ प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने एक मेधावी छात्रा के पीछे बैठकर ई-स्कूटी की सवारी भी की। मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया खाते और जनसंपर्क विभाग की पूर्वसूचना में भी 19 सितंबर को इस आयोजन तथा 7,400 से अधिक विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने की जानकारी दी गई थी।
छात्रा ने चलाई ई-स्कूटी, पीछे बैठे मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के साझा विवरण के मुताबिक, स्कूटी वितरण के दौरान एक मेधावी छात्रा ने ई-स्कूटी चलाई और मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीछे की सीट पर बैठे। आयोजन में सरकारी विद्यालयों की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया गया।
उदय प्रताप सिंह बोले—विद्यार्थियों की उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा
साझा संबोधन के अनुसार, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों के इन विद्यार्थियों ने पहले प्रयास में 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हुए अपने विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया है। उन्होंने विद्यार्थियों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के दूसरे स्कूली विद्यार्थियों को भी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी। मंत्री ने कहा कि पेट्रोल और ई-स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के दौरान आने-जाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य और उनके शैक्षणिक लक्ष्यों से जुड़ी सुविधा बताया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाओं पर जोर
उदय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। स्कूल और उच्च शिक्षा के स्तर पर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विद्यार्थियों से संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि वे बच्चों के बीच आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने और उनसे बातचीत करने के लिए तत्पर रहते हैं। मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत को प्रोत्साहन देने के साथ उनकी आगे की पढ़ाई की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
विजय शाह ने वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित करने का दिया सुझाव
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने साझा बयान में कहा कि सरकार का प्रयास बच्चों के जीवन में खुशी लाना और उनके भविष्य के लिए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए जनकल्याणकारी कार्यों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित करने का सुझाव भी दिया। शाह ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं में आजादी के बाद के शुरुआती 55 वर्षों और वर्ष 2002-03 के बाद हुए कार्यों पर चर्चा की जा सकती है। यह उनके संबोधन में दिया गया सुझाव था; साझा विवरण में इसे लागू करने के किसी औपचारिक आदेश का उल्लेख नहीं है।
योजना में स्कूल टॉपर होना जरूरी
प्रकाशित योजना विवरण के अनुसार, मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालयों के नियमित विद्यार्थियों को दिया जाता है। इसमें सभी संकायों के पात्र विद्यार्थी शामिल हैं। पात्रता के लिए विद्यार्थी का पहले प्रयास में कम से कम 70 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करना और अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करना, दोनों आवश्यक हैं। केवल 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर लेना अपने आप में पर्याप्त नहीं है।
ई-स्कूटी और पेट्रोल स्कूटी के लिए अलग सहायता राशि
योजना के प्रकाशित प्रावधानों के मुताबिक, पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी के लिए अधिकतम ₹90 हजार और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम ₹1.20 लाख की सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना और उच्च शिक्षा के दौरान आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।