TRAI New Rules: अगर आप भी लगातार आने वाली अनचाही स्पैम कॉल्स और फर्जी कॉल्स से परेशान हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्पैम कॉल और संदेशों पर रोक लगाने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। नए नियमों के तहत संदिग्ध नंबरों और रोबोकॉल की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) की मदद ली जाएगी। संशोधित नियमों के तहत सॉफ्टवेयर या ऑटो-डायलिंग के जरिए होने वाली Application-to-Person (A2P) और रोबोकॉल की निगरानी बढ़ाई जाएगी। ऐसी कॉल्स के लिए टेलीकॉम कंपनियों को पहले से जानकारी देनी होगी। बिना घोषणा के इस तरह की कॉल किए जाने पर उन्हें स्पैम माना जा सकता है और 5 पैसे प्रति मिनट तक टर्मिनेशन चार्ज लगाया जा सकता है।
AI से पकड़े जाएंगे संदिग्ध स्पैम नंबर
नए नियमों में स्पैम की पहचान के लिए AI आधारित निगरानी व्यवस्था को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। अगर किसी नंबर के खिलाफ 10 दिनों के भीतर 3 या उससे ज्यादा शिकायतें आती हैं और टेलीकॉम कंपनी का AI सिस्टम भी उस नंबर को संदिग्ध मानता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, अगर 10 दिनों के भीतर 5 या उससे ज्यादा संदिग्ध नंबर सामने आते हैं, तो संबंधित कनेक्शन के लिए री-केवाईसी और भौतिक सत्यापन कराया जा सकता है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले नंबरों के कनेक्शन काटे जा सकते हैं। इसके अलावा नियम तोड़ने वाले टेलीमार्केटर्स को एक साल तक ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
जरूरी कॉल्स पर नहीं लगेगी सीधी रोक
TRAI ने नए नियमों में जरूरी और सेवा से जुड़ी कॉल्स को ध्यान में रखने की बात कही है। 1600/1601 और 140 सीरीज के नंबरों को कॉल मैनेजमेंट ऐप्स सीधे तौर पर ब्लॉक नहीं कर सकेंगे। हालांकि, यूजर अपनी जरूरत के अनुसार इन नंबरों को फिल्टर कर सकता है। इसका उद्देश्य जरूरी बैंकिंग, सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल्स को स्पैम समझकर ब्लॉक होने से बचाना है।
ग्राहक की पूछताछ पर 7 दिन तक कर सकेंगी कंपनियां संपर्क
नए नियमों के तहत अगर किसी ग्राहक ने किसी उत्पाद या सेवा को लेकर कंपनी से पूछताछ की है, तो संबंधित कंपनी अधिकतम 7 दिनों तक उस ग्राहक से संपर्क कर सकती है। ऐसे संपर्क का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा। इससे कंपनियों को ग्राहक की अनुमति या पूछताछ के आधार पर किए जा रहे संपर्क और अनचाही मार्केटिंग कॉल्स के बीच अंतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
स्पैम शिकायत पर 15 दिन में अपील का मौका
अगर कोई उपभोक्ता स्पैम कॉल या संदेश की शिकायत करता है और शिकायत के समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो उसके पास 15 दिनों के भीतर अपील करने का विकल्प होगा। इससे उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण प्रक्रिया में आगे अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
TRAI का क्या है उद्देश्य?
TRAI के मुताबिक, इन सख्त प्रावधानों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को लगातार आने वाली अनचाही कॉल्स और संदेशों से होने वाली परेशानी से बचाना है। साथ ही, नियामक दूरसंचार व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत करने के लिए स्पैम और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना चाहता है। AI और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में कॉल्स और नंबरों के पैटर्न का विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।