Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय दल के ठहरने को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रहने की जगह से जुड़ी संभावित दिक्कतों को देखते हुए भारत ने नागोया में रहने वाले करीब 2,000 भारतीयों की पहचान की है। जरूरत पड़ने पर इन लोगों के घरों को भारतीय एथलीटों और अधिकारियों के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। भारतीय दल के लिए रहने और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी किसी भी परेशानी से निपटने के लिए तीन-स्तरीय आपातकालीन योजना तैयार की गई है। इस व्यवस्था में खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), शेफ डी मिशन और नागोया में रहने वाला भारतीय समुदाय शामिल है।
एयरपोर्ट से ही मिलेगी भारतीय दल को मदद
आपातकालीन योजना के पहले स्तर के तहत नागोया एयरपोर्ट पर दो लोगों की तैनाती की जाएगी। इनकी जिम्मेदारी भारतीय एथलीटों और अधिकारियों के आगमन तथा उनकी आवाजाही से जुड़े समन्वय की होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत से पहुंचने वाले खिलाड़ियों और अधिकारियों को एयरपोर्ट पर उतरने के बाद किसी तरह की लॉजिस्टिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
एथलीट वेलकम सेंटर पर तीन लोग रहेंगे तैनात
योजना के दूसरे स्तर में ‘एथलीट वेलकम सेंटर’ को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। यहां तीन लोग तैनात रहेंगे, जो भारतीय दल को रहने की जगह और अन्य जरूरी लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं में सहायता करेंगे। खिलाड़ियों को उनके आवास तक पहुंचाने से लेकर रहने से जुड़ी समस्याओं के समाधान तक, यह टीम जरूरत के मुताबिक समन्वय करेगी।
तीसरे स्तर पर 2,000 भारतीयों का सपोर्ट नेटवर्क
आपातकालीन योजना का तीसरा स्तर नागोया में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़ा है। करीब 2,000 स्थानीय भारतीयों की पहचान संभावित सपोर्ट नेटवर्क के रूप में की गई है। अगर किसी गंभीर परिस्थिति में भारतीय दल के लिए निर्धारित आवास पर्याप्त नहीं होते हैं या रहने से जुड़ी बड़ी समस्या पैदा होती है, तो जरूरत के अनुसार स्थानीय भारतीयों के घरों का इस्तेमाल अस्थायी ठहरने के लिए किया जा सकता है।
कुछ एथलीटों को पहले हुई थी रहने की परेशानी
यह तीन-स्तरीय आपातकालीन व्यवस्था नागोया पहुंचने के बाद कुछ भारतीय एथलीटों को रहने की जगह से जुड़ी दिक्कतों का सामना करने के बाद तैयार की गई है। इसके बाद भारतीय दल की ओर से अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं, ताकि खिलाड़ियों और अधिकारियों के पास पर्याप्त और उचित आवास उपलब्ध रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि रहने और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं का असर खिलाड़ियों की प्रतियोगिता की तैयारियों पर न पड़े।
तीन स्तरों पर काम करेगी पूरी व्यवस्था
भारतीय दल की आपातकालीन योजना को मोटे तौर पर तीन हिस्सों में बांटा गया है:
- पहला स्तर: एयरपोर्ट पर दो लोगों के जरिए आगमन और आवाजाही में सहायता।
- दूसरा स्तर: एथलीट वेलकम सेंटर पर तीन लोगों के जरिए आवास और लॉजिस्टिक्स में मदद।
- तीसरा स्तर: जरूरत पड़ने पर नागोया में रहने वाले करीब 2,000 भारतीयों के नेटवर्क के जरिए अतिरिक्त आवास की व्यवस्था।
इस व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय एथलीटों और अधिकारियों के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा घेरा तैयार करना है, ताकि एशियन गेम्स के दौरान आवास से जुड़ी किसी भी संभावित समस्या से जल्द निपटा जा सके।