कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट को एक और झटका लगा है। नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर विधानसभा सीट से घोषित उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने भी चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया है। रबीउल आलम चौधरी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। लगातार दो सीटों पर उम्मीदवारों के हटने से उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
13 सितंबर को घोषित हुए थे उम्मीदवार
ममता बनर्जी गुट की ओर से 13 सितंबर को रेजीनगर और नंदीग्राम सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई थी। रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा गया था, जबकि नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को टिकट दिया गया था। दोनों उम्मीदवारों ने इसके बाद अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां शुरू की थीं।
नंदीग्राम से भी उम्मीदवार ने वापस लिया नाम
रेजीनगर के उम्मीदवार के नाम वापस लेने से एक दिन पहले नंदीग्राम से भी ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने चुनावी मैदान छोड़ दिया था। उन्होंने 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।
रेजीनगर में अब बदला चुनावी समीकरण
रबीउल आलम चौधरी के नाम वापस लेने के बाद रेजीनगर सीट पर भी चुनावी समीकरण बदल गया है। जिस उम्मीदवार को कुछ दिन पहले ही पार्टी की ओर से मैदान में उतारा गया था, अब उनके हटने के बाद ममता बनर्जी गुट की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। पार्टी की ओर से इस सीट पर आगे किसी नए उम्मीदवार को उतारा जाता है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के बीच घटनाक्रम
यह पूरा घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। चुनाव आयोग के फैसले के बाद दोनों प्रतिद्वंद्वी तृणमूल गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए गए हैं। ममता बनर्जी गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
6 अक्टूबर को होना है उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों सीटों पर मैदान में बचे उम्मीदवारों की तस्वीर और साफ हो जाएगी।
नंदीग्राम और रेजीनगर पर टिकी नजर
नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर उपचुनाव को पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक के बाद एक उम्मीदवारों के चुनावी मैदान से हटने के बाद अब इन दोनों सीटों पर आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजर रहेगी। रेजीनगर में रबीउल आलम चौधरी के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी गुट की अगली घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।