Ganesh Visarjan 2026: आगरा में गणपति विसर्जन को लेकर नगर निगम ने खास व्यवस्था की है। यमुना के पानी की स्थिति को देखते हुए इस बार गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन सीधे नदी में नहीं किया जाएगा। इसके लिए यमुना किनारे चार घाटों पर अस्थायी कुंड तैयार किए गए हैं, जिनमें यमुना जल की जगह गंगाजल भरा जाएगा। नगर निगम के मुताबिक, इन कुंडों में गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कुंडों के आसपास बैरिकेडिंग भी की जा रही है। साथ ही विसर्जन के दौरान नगर निगम के कर्मचारी घाटों पर तैनात रहेंगे।
इन चार घाटों पर बनाए गए अस्थायी कुंड
आगरा नगर निगम ने गणपति विसर्जन के लिए यमुना किनारे चार प्रमुख घाटों पर अस्थायी कुंड तैयार किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- हाथीघाट
- कैलाश घाट
- बल्केश्वर
- दशहरा घाट
इन कुंडों में गंगाजल भरकर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। आगरा को पालड़ा से पाइपलाइन के जरिए गंगाजल की आपूर्ति होती है, जिसका इस्तेमाल इन अस्थायी कुंडों को भरने में किया जाएगा।
यमुना में प्रतिमा विसर्जन पर रोक
नदियों और तालाबों में मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश लागू हैं। इन्हीं प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने यमुना में सीधे मूर्ति विसर्जन के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था की है। नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित अस्थायी कुंडों में ही करें।
कुंडों के आसपास होगी बैरिकेडिंग
विसर्जन के दौरान किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए अस्थायी कुंडों के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है। नगर निगम के कर्मचारी भी अलग-अलग घाटों पर तैनात रहेंगे। शुक्रवार दोपहर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के साथ हाथीघाट का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्रीय जेडएसओ आशुतोष वर्मा को विसर्जन के समय घाट पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम ने की श्रद्धालुओं से अपील
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि NGT के आदेशों को ध्यान में रखते हुए अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थान पर ही गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की है। नगर निगम का कहना है कि विसर्जन के दौरान कर्मचारियों की तैनाती रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता मिल सके और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जा सके।