मुरशीदाबाद: रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर शनिवार को अचानक नया मोड़ आ गया। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबिउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस लेने के अपने फैसले से यू-टर्न ले लिया है। अब वह उपचुनाव में मैदान में बने रहेंगे।
ममता बनर्जी से फोन पर हुई बातचीत
बताया जा रहा है कि नामांकन वापस लेने के फैसले के बाद रबिउल आलम चौधरी की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत हुई। बातचीत के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया और चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसके साथ ही रेजिनगर में तृणमूल समर्थित उम्मीदवार के तौर पर उनकी चुनावी गतिविधियां फिर शुरू होने जा रही हैं।
नए चुनाव चिह्न के साथ उतरेंगे मैदान में
रबिउल आलम चौधरी के सामने मुख्य चुनौती नए चुनाव चिह्न को मतदाताओं तक पहुंचाने की है। इससे पहले उन्होंने इसी वजह से चुनाव से हटने का फैसला किया था। उनका कहना था कि कम समय में नए चुनाव चिह्न को लोगों के बीच पहचान दिलाना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, अब उन्होंने इसी चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
शनिवार से शुरू होगा प्रचार
फैसला बदलने के बाद रबिउल आलम चौधरी शनिवार से रेजिनगर में प्रचार अभियान शुरू करेंगे। उनका फोकस मतदाताओं तक पहुंच बनाने और नए चुनाव चिह्न की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर रहेगा। नामांकन वापस लेने को लेकर सुबह से चल रही अटकलों के बाद अब उनके चुनाव मैदान में बने रहने की तस्वीर साफ हो गई है।
6 अक्टूबर को होगा रेजिनगर में उपचुनाव
रेजिनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इसके साथ ही नंदीग्राम सीट पर भी उसी दिन मतदान होगा। दोनों विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। रेजिनगर में रबिउल आलम चौधरी के नामांकन वापस नहीं लेने के फैसले के बाद मुकाबले को लेकर राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है।