नई दिल्ली: भारतीय फुटबॉल में महिला खिलाड़ियों के लिए जमीनी स्तर पर प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ाने की दिशा में एक नई शुरुआत होने जा रही है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) पहली बार U-15 महिला यूथ लीग का आयोजन करने जा रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 से कर्नाटक के बेलगावी स्थित स्पोर्टिंग प्लैनेट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होगी।
16 टीमें होंगी टूर्नामेंट का हिस्सा
AIFF की इस पहली U-15 महिला यूथ लीग में देशभर से कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता में शामिल टीमों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है और हर ग्रुप में चार टीमें होंगी। ग्रुप चरण के मुकाबलों के बाद प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएंगी।
31 अक्टूबर को खेला जाएगा फाइनल
लीग के ग्रुप मुकाबलों के बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। प्रतियोगिता का निर्णायक मुकाबला यानी फाइनल 31 अक्टूबर 2026 को खेला जाएगा। इस तरह करीब ढाई सप्ताह तक चलने वाली यह प्रतियोगिता युवा महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगी।
चार ग्रुप में बांटी गईं टीमें
टूर्नामेंट के ग्रुप A में SESA Football Academy, HOPS FC, Roots FC और Krida Prabodhini Pune को रखा गया है। ग्रुप B में Juba Sangha FC, Sethu FC, PFC Kerala और Project Mahadeva FC शामिल हैं।
वहीं ग्रुप C में MGM Ambush Club, DKR Football Academy, SAG Football Academy और Community FC India को जगह मिली है। ग्रुप D में Portais Sporting Club, RKM Football Academy, मेजबान Belgaum United Football Academy और Mumbai Knights FC शामिल हैं।
U-17 लीग के बाद U-15 स्तर पर भी विस्तार
AIFF ने इसी साल जुलाई में U-17 महिला यूथ लीग की शुरुआत की थी। अब U-15 स्तर पर नई प्रतियोगिता शुरू किए जाने से महिला फुटबॉल के युवा खिलाड़ियों के लिए आयु वर्ग के आधार पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता का एक और स्तर जुड़ गया है। AIFF के अनुसार, यह कदम भारत में महिला युवा फुटबॉल के लिए राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक ढांचे को और व्यापक बनाने की दिशा में है।
युवा खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
U-15 महिला यूथ लीग के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली युवा खिलाड़ियों को संगठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलेगा। अलग-अलग फुटबॉल अकादमियों और क्लबों की भागीदारी से युवा स्तर पर खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल मिलने की उम्मीद है। यह प्रतियोगिता भारतीय महिला फुटबॉल के लिए उम्र-आधारित विकास प्रणाली को मजबूत करने वाली नई कड़ी के रूप में सामने आई है।