भोपाल: मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आखिरी दौर में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर में एक निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हो रहा है, जिसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। अगले चार दिनों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
नए सिस्टम की दिशा और उसकी तीव्रता से तय होगा कि मध्यप्रदेश में इसका असर कितना मजबूत रहेगा। फिलहाल 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, हालांकि सिस्टम की गतिविधियों को देखते हुए मौसम के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है।
उत्तर अंडमान सागर में बन रहा नया सिस्टम
मानसून की विदाई से पहले उत्तर अंडमान सागर में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों के दौरान बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन के अलावा जबलपुर, ग्वालियर तथा अन्य जिलों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल 23 सितंबर तक मध्यप्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, नए मौसम सिस्टम की स्थिति और सक्रियता पर लगातार नजर रखी जा रही है।विशेषज्ञों का कहना है कि सिस्टम की दिशा और तीव्रता में बदलाव होने पर प्रदेश के लिए जारी पूर्वानुमान भी बदल सकता है।
भोपाल में भदभदा और कलियासोत के गेट खोले गए
इससे पहले शनिवार को भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में रातभर बारिश हुई। लगातार बारिश के बाद भदभदा बांध का एक और कलियासोत डैम के दो गेट खोलने पड़े।बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया। ब्यावरा में लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए और अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इससे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
आगर-मालवा और शहडोल में हादसे
आगर-मालवा जिले में नलखेड़ा समेत कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मां बगलामुखी मंदिर के सामने से गुजरने वाले नाले में एक कार बह जाने से 8 लोगों की मौत हो गई।वहीं, शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में 2 लोगों की जान चली गई। बारिश के दौरान लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जाती है।
45 जिलों में हुई बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को मध्यप्रदेश के 45 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। इनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।
लटेरी में 4.2 इंच बारिश
शनिवार को सबसे ज्यादा बारिश विदिशा के लटेरी में 4.2 इंच रिकॉर्ड की गई। इसके बाद गुना के कुंभराज में 4 इंच और आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी यानी करीब 3.7 इंच बारिश दर्ज हुई।इसके अलावा आगर के बड़ौद में 2.9 इंच, गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच और राजगढ़ के खिलचीपुर में करीब ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।