आज (2 अप्रैल) को हनुमान जयंती का पावन पर्व मनाया जा रहा है। मान्यता के अनुसार, भगवान हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था। उन्हें भगवान शिव का रुद्र अवतार माना जाता है और वे श्रीराम के अनन्य भक्त थे। उनके पिता का नाम केसरी और माता का नाम अंजनी था, इसी कारण उन्हें अंजनीपुत्र भी कहा जाता है। हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जयंती के दिन उनकी पूजा करने से जीवन के भय, नकारात्मक ऊर्जा और बाधाएं दूर होती हैं। विशेष रूप से शनि से संबंधित कष्टों से भी राहत मिलने की मान्यता है। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना और ‘ॐ हनुमते नमः’ मंत्र का जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कम से कम एक बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें, जबकि 7 या 11 बार पाठ करना अधिक फलदायी माना गया है।
पूजन का शुभ मुहूर्त
हनुमान जयंती पर सुबह पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार आज दो मुख्य मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं—
पहला मुहूर्त: सुबह 6:10 बजे से 7:44 बजे तक
दूसरा मुहूर्त: शाम 6:39 बजे से रात 8:06 बजे तक
इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त भी पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, जो दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा।
हनुमान जयंती पर शुभ योग
आज के दिन ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ध्रुव योग सूर्योदय से दोपहर 2:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद व्याघात योग प्रारंभ होगा। वहीं हस्त नक्षत्र शाम 5:38 बजे तक रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा।
हनुमान जयंती 2026: पूजन विधि
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ कर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। दीपक और धूप जलाकर श्रद्धा के साथ संकल्प लें।
पूजा के दौरान हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाना शुभ माना जाता है। साथ ही लाल फूल, गुड़-चना, बेसन के लड्डू और केले का भोग लगाएं। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा विशेष फल प्रदान करती है।