पीएम मोदी ने असम विधानसभा चुनाव के बीच समय निकालकर डिब्रूगढ़ स्थित एक चाय बागान का दौरा किया। यहां उन्होंने बागान में काम कर रही महिलाओं के साथ कुछ समय बिताया और उनसे आत्मीय बातचीत की।
“मैं भी चाय वाला हूं” – पीएम मोदी
महिलाओं से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा, “आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची है। क्या आपको मालूम है कि मैं भी चाय वाला हूं और बचपन में चाय बेचता था।” उनके इस बयान ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
महिलाओं ने किया गर्मजोशी से स्वागत
पीएम मोदी को अपने बीच पाकर बागान में काम करने वाली महिलाएं बेहद खुश नजर आईं। कुछ महिलाओं ने उनके साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान पीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अब आप लोग अच्छे फोटोग्राफर भी बन गए हैं, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया।
सोशल मीडिया पर शेयर किया अनुभव
पीएम मोदी ने इस दौरे का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि डिब्रूगढ़ के चाय बागान में उन्हें वहां के परिवारों की संस्कृति की झलक देखने को मिली और असम की प्रगति में उनका योगदान अतुलनीय है।
संस्कृति और परंपरा की झलक
दौरे के दौरान महिलाओं ने ‘जगत जननी मां’ को समर्पित एक गीत भी गाया। पीएम मोदी ने उनकी सांस्कृतिक जुड़ाव की सराहना करते हुए कहा कि चाय बागान से जुड़े परिवारों की मेहनत और परंपराएं असम की पहचान हैं।
बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर बातचीत
पीएम मोदी ने महिलाओं से उनके परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उनके बच्चे स्कूल जाते हैं, कोई ग्रेजुएशन कर चुका है तो कोई खेलकूद में भविष्य बना रहा है। इस पर पीएम ने खुशी जताई और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
घबराहट दूर करने का दिया संदेश
महिलाओं ने बताया कि उनसे मिलकर उन्हें थोड़ी घबराहट हो रही थी। इस पर पीएम मोदी ने हौसला बढ़ाते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, शुरुआती कुछ मिनटों के बाद सब सामान्य हो जाता है।
बिहू और कामकाज पर भी की चर्चा
प्रधानमंत्री ने महिलाओं से बिहू त्योहार के दौरान बनने वाले पारंपरिक व्यंजनों के बारे में भी पूछा। साथ ही चाय बागान में काम करने की प्रक्रिया, काम के दिनों और छुट्टियों को लेकर भी बातचीत की।
“आपकी मेहनत पर देश को गर्व”
दौरे के अंत में पीएम मोदी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चाय बागान में काम करने वाले हर परिवार की मेहनत पर देश को गर्व है। उन्होंने दोहराया कि बचपन में वे भी चाय बेचते थे और आज यहां आकर उन्हें बेहद अच्छा लगा।