नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का नामित सदस्य नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी की गई।
रंजन गोगोई की खाली सीट पर नियुक्ति
यह नियुक्ति रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुई सीट पर की गई है। उनका कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था, जिसके बाद यह स्थान रिक्त हो गया था।
संविधान के तहत हुआ मनोनयन
हरिवंश नारायण सिंह की नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के प्रावधानों के तहत की गई है। राष्ट्रपति ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है।
पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर
हरिवंश नारायण सिंह एक प्रतिष्ठित पत्रकार रहे हैं। उन्होंने हिंदी दैनिक ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक के रूप में लंबा कार्यकाल बिताया और अपनी निष्पक्ष व सशक्त पत्रकारिता के लिए पहचान बनाई।
2014 में पहली बार बने राज्यसभा सांसद
वे 2014 में जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर बिहार से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने संसद में सक्रिय भूमिका निभाई।
उपसभापति के रूप में अहम भूमिका
- हरिवंश नारायण सिंह 9 अगस्त 2018 को पहली बार राज्यसभा के उपसभापति बने और 14 सितंबर 2020 को दोबारा इस पद के लिए निर्वाचित हुए।
- उनकी कार्यशैली शांत, संतुलित और प्रभावी मानी जाती है।
अब फिर राज्यसभा में जारी रहेगा सफर
राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जाने के बाद हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा में अपनी सेवाएं देंगे। संसद में उनके अनुभव का लाभ सदन को मिलने की उम्मीद है।