छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून का इंतजार थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक प्रदेश में मानसून की दस्तक तय समय से कुछ दिन देर से होने की संभावना है। पहले जहां मानसून के 16 जून तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा था, वहीं अब इसके 18 से 19 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खरीफ सीजन की तैयारियां मानसून पर ही निर्भर करती हैं।
केरल में देरी का असर, छत्तीसगढ़ में भी खिसकी मानसून की तारीख
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की केरल में एंट्री भी निर्धारित समय से पीछे चल रही है। अब इसके 3 से 4 जून के बीच केरल पहुंचने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो जैसी परिस्थितियां मानसूनी गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं, जिसका असर देश के कई हिस्सों के साथ छत्तीसगढ़ पर भी देखने को मिल सकता है।
भीषण गर्मी ने बढ़ाई परेशानी, कई जिलों में 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा
मानसून की देरी के बीच प्रदेश भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहा है। राजनांदगांव 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया। वहीं दुर्ग में 44.5 डिग्री, माना में 43.9 डिग्री, रायपुर में 42.8 डिग्री और बिलासपुर में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी से आम लोगों के साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं।
राहत की उम्मीद: तेज होंगी प्री-मानसून गतिविधियां
मौसम विभाग ने 30 मई से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के तेज होने का अनुमान जताया है। अगले तीन दिनों के दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।
धान उत्पादक किसानों की बढ़ी चिंता
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून में और देरी होती है या बारिश सामान्य से कम रहती है तो खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से धान उत्पादन वाले क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने पर सिंचाई संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और खेती की लागत भी बढ़ सकती है।
मौसम विभाग की सलाह
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें और बुआई से जुड़े फैसले मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही लें। आने वाले दिनों में प्री-मानसून बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं।