नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के बंगाली मार्केट स्थित टोडरमल पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने ऑटो रिक्शा ड्राइवरों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल ने ऑटो चालकों के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत की, उनकी यूनिफॉर्म पहनी और उनके साथ साधारण भोजन भी किया। राहुल ने ड्राइवरों की समस्याएं सुनते हुए उन्हें संसद में उठाने का भरोसा दिलाया।
ऑटो ड्राइवरों के बीच पहुंचे राहुल
राहुल गांधी टोडरमल पार्क में पहले से मौजूद ऑटो ड्राइवरों के बीच पहुंचे। उन्होंने जमीन पर बैठकर ड्राइवरों से सीधे बातचीत की और उनकी रोजमर्रा की परेशानियों को समझने की कोशिश की। इस दौरान राहुल का सरल अंदाज देखने को मिला। मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ऑटो ड्राइवरों की यूनिफॉर्म पहने नजर आए। उन्होंने बच्चों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। राहुल का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को काफी पसंद आया।
ऑटो ड्राइवर्स के साथ बैठकर किया भोजन
राहुल गांधी ने ऑटो चालकों के साथ पूड़ी-सब्जी और रोटी-सब्जी का साधारण भोजन किया। बातचीत के दौरान ड्राइवरों ने उन्हें बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर की कीमतों और कमाई में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। ऑटो ड्राइवरों ने राहुल गांधी से बीमा, आर्थिक मदद और रोजगार से जुड़ी समस्याएं साझा कीं। राहुल ने भरोसा दिलाया कि वे ऑटो चालकों से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाएंगे और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
ड्राइवरों ने बताई अपनी परेशानी
ऑटो ड्राइवर रमेश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को अपने बच्चों की पढ़ाई और कमाई की मुश्किलों के बारे में जानकारी दी। वहीं अरिंदर कुमार शाह ने महंगाई और बढ़ते खर्चों की समस्या साझा की। ड्राइवरों का कहना था कि राहुल ने उनकी बात ध्यान से सुनी।
पहले भी आम लोगों के बीच पहुंचे चुके राहुल
राहुल गांधी इससे पहले भी अलग-अलग कामगार वर्गों के बीच जाते रहे हैं। मई 2023 में उन्होंने दिल्ली से चंडीगढ़ तक ट्रक में सफर किया था। जून 2023 में करोल बाग में मोटरसाइकिल मैकेनिकों से मिले थे। सितंबर 2023 में आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कुलियों के साथ समय बिताया था, जबकि दिसंबर 2024 में कालकाजी सब्जी मंडी में दुकानदारों और आम लोगों से मुलाकात की थी। राहुल गांधी लगातार आम लोगों, मजदूरों और कामगारों के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली में ऑटो ड्राइवरों के साथ हुई यह मुलाकात भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।