केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 13 फरवरी को लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल पेश करेंगी। इस विधेयक का उद्देश्य पुराने आयकर अधिनियम में बड़ेबदलाव करना और वर्तमान आयकर अधिनियम, 1961 की धाराओं, खंडों और जटिलताओं को सरल और कम करना है। संसद सत्र के लिए गुरुवार को निर्धारित कार्य सूची के अनुसार निर्मला सीतारमण आयकर से संबंधित कानून को समेकित और संशोधितकरने के लिए एक विधेयक पेश करने की अनुमति के लिए प्रस्ताव देंगी।
पुराने आयकर अधिनियम 1964 की लेगा जगह
नया आयकर विधेयक छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1964 की जगह लेगा। नया विधेयक कोई नया कर नहीं लगाता है, बल्कि मौजूदा आयकर अधिनियम की भाषा को सरल बनाता है। नया कानून अप्रैल 2026 की शुरुआत से लागू होने की उम्मीद है।
कर कानूनों को सरल बनाने की उम्मीद है
वहीं विशेषज्ञों के अनुसार नया विधेयक मौजूदा अधिनियम की कई ‘अप्रचलित’ धाराओं को समाप्त कर देगा, मुकदमेबाजी को कम करेगा और अनुपालन में सुधार करेगा। इससे कर कानूनों को सरल बनाने की भी उम्मीद है, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे अधिक पारदर्शी, व्याख्या करने में आसान और करदाता के अनुकूल हों। नए विधेयक में फ्रिंज बेनिफिट टैक्स से संबंधित अनावश्यक धाराएं हटा दी गई हैं। विधेयक में ‘स्पष्टीकरण या प्रावधान’ नहीं हैं, जिससे इसे पढ़ना और समझना आसान हो गया है। ‘बावजूद’ शब्द जिसका मौजूदा आयकर अधिनियम में अत्यधिक उपयोग किया जाता था, को नए विधेयक में हटा दिया गया है। इसे लगभग हर जगह ‘अपरिहार्य’ शब्द से बदल दिया गया है।
Comments (0)