नई दिल्ली: भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में रविवार को महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच होने वाली इस उच्चस्तरीय वार्ता में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दोनों नेता भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विचार किया जाएगा।
संयुक्त आयोग बैठक में होगी समझौतों की समीक्षा
भारत और इंडोनेशिया के बीच संयुक्त आयोग बैठक दोनों देशों के संबंधों को दिशा देने वाला सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत मंच माना जाता है। इस बैठक में जनवरी 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत यात्रा के दौरान हुए समझौतों और सहमतियों की समीक्षा की जाएगी। दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति का आकलन करेंगे। साथ ही आने वाले वर्षों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग रहेगा केंद्र में
बैठक में रक्षा सहयोग सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल रहेगा। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक चुनौतियों और समुद्री सुरक्षा के बदलते परिदृश्य को देखते हुए दोनों देश रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार समुद्री गश्त, रक्षा तकनीक साझा करने, संयुक्त सैन्य अभ्यास और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। दोनों देशों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग बेहद जरूरी है।
ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर भी रह सकती है नजर
हाल के महीनों में भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली की संभावित खरीद को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान इस विषय पर भी महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। यदि यह सौदा आगे बढ़ता है तो यह भारत-इंडोनेशिया रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम माना जाएगा और दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
ग्लोबल साउथ और ब्रिक्स पर भी होगा मंथन
सुगियोनो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इंडोनेशिया वैश्विक दक्षिण और ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पिछले महीने भी वह ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए थे। ऐसे में एक महीने के भीतर उनका दूसरा भारत दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक और कूटनीतिक समन्वय का संकेत माना जा रहा है। बैठक में वैश्विक दक्षिण के हितों, बहुपक्षीय सहयोग और उभरती वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
2018 में मिली थी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पहचान
भारत और इंडोनेशिया ने वर्ष 2018 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया था। तब से दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और समुद्री सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। वर्तमान बैठक को उसी साझेदारी को और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है।