भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एकीकृत करने के लिए APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry) निर्माण अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी स्कूली विद्यार्थियों की APAAR ID का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाएगा।
हर विद्यार्थी की होगी विशिष्ट डिजिटल पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि APAAR ID प्रत्येक विद्यार्थी की एक यूनिक डिजिटल शैक्षणिक पहचान होगी। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहेंगे, जिससे भविष्य में शिक्षा से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाएं आसान हो सकेंगी।
प्रदेशभर में हर शनिवार मनाया जाएगा ‘मेगा अपार दिवस’
APAAR ID निर्माण कार्य को गति देने के लिए प्रदेश की सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को ‘मेगा अपार दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से शेष विद्यार्थियों की आईडी बनाने का कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा।
1.39 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों की बन रही APAAR ID
प्रदेश में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक अध्ययनरत लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थियों की APAAR ID तैयार की जा रही है।
इनमें शामिल हैं—
शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी: 70 लाख 09 हजार 516
अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी: 69 लाख 28 हजार 218
अब तक 93 लाख से अधिक विद्यार्थियों की बनी आईडी
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार अब तक 93 लाख 97 हजार विद्यार्थियों की APAAR ID बनाई जा चुकी है। वहीं लगभग 44 लाख 47 हजार विद्यार्थियों की APAAR ID का निर्माण शेष है, जिसे 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विद्यार्थियों के सभी रिकॉर्ड रहेंगे सुरक्षित
APAAR ID के माध्यम से विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। यह एक आधुनिक, डिजिटल और पेपरलेस रिकॉर्ड सिस्टम है, जिसमें छात्र की शैक्षणिक उपलब्धियां, प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
प्रवेश प्रक्रिया में मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि APAAR ID छात्रों के लिए जीवनभर उपयोगी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगी। इससे छात्रवृत्ति, प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक प्रमाणन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। विद्यार्थी अपने रिकॉर्ड को कहीं भी और कभी भी डिजिटल माध्यम से उपयोग कर सकेंगे।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा डिजिटल आधार
राज्य सरकार का मानना है कि APAAR ID व्यवस्था से शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और विद्यार्थियों के शैक्षणिक डेटा का प्रबंधन अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।