भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश में रफ्तार पकड़ ली है और इसके 20 जून से पहले मध्यप्रदेश पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल दक्षिण भारत के कई राज्यों को पार करते हुए गोवा तक पहुंच चुका है और जल्द ही महाराष्ट्र में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद मध्यप्रदेश में भी मानसून की दस्तक होने के संकेत हैं।
प्रदेश में बढ़ी मौसम की गतिविधियां
मानसून की सक्रियता के बीच मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, हालांकि कुछ इलाकों में उमस और तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कई जिलों में हुई बारिश
हाल के दिनों में नर्मदापुरम, सिवनी, सीहोर, खरगोन समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। तेज आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और टीनशेड उड़ने की घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को प्रदेश के करीब 35 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है।
अलर्ट वाले जिलों में भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं।
60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रभावित जिलों में तेज आंधी के दौरान हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, कमजोर संरचनाओं और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
9 और 10 जून को हीटवेव का भी अलर्ट
एक ओर जहां प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी है, वहीं उत्तर मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में 9 और 10 जून को हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी के चलते लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।
20 जून से पहले मानसून की दस्तक संभव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यदि मानसून की वर्तमान गति बनी रहती है तो यह निर्धारित समय से पहले मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।