नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून देशभर में सक्रिय है। जहां एक ओर बारिश ने उत्तर भारत के कई राज्यों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जबकि उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग करीब साढ़े 11 घंटे तक बंद रहा। हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश से कई सड़कें बंद हो गई हैं।
पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत में गर्मी से राहत
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पंजाब में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.4 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया। रोपड़ में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की एंट्री, तीन दिन बारिश का अनुमान
मानसून ने दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे दी है। गुरुवार को दिनभर हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने की संभावना भी है।
कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
मानसून की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होने की आशंका है।
इसके अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा और सौराष्ट्र-कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बिहार, झारखंड, तेलंगाना, केरल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर पगलानाला और गुलाबकोटी के पास भारी मलबा आ गया, जिससे राजमार्ग करीब साढ़े 11 घंटे तक बंद रहा। इस दौरान दोनों ओर करीब आठ हजार श्रद्धालु और अन्य यात्री फंसे रहे। शाम को मार्ग बहाल होने के बाद यातायात सामान्य हो सका।
असम में अब भी 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिलों में अब भी 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। दोनों जिलों में राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं और प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में अब भी 52 गांव जलमग्न हैं और लगभग 393 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में अचानक आई बाढ़ से एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया, जिससे करीब 30 श्रद्धालु फंस गए। राज्य में लगातार बारिश के कारण 46 सड़कें बंद हैं, जबकि 181 बिजली ट्रांसफार्मर और छह पेयजल परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।